अलीगढ़ (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के सदस्य रमाकान्त उपाध्याय द्वारा जिले के विकास खण्ड लोधा अंतर्गत ग्राम नादा वाजिदपुर में संचालित अस्थायी गौ आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी, ग्राम प्रधान एवं अन्य ग्रामीणजन उपस्थित रहे। गौ आश्रय स्थल निरीक्षण के दौरान लगभग 242 गौवंश संरक्षित पाए गए। स्थल पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। यद्यपि परिसर में भूसा एवं हरा चारा उपलब्ध था, किन्तु लडावनियां खाली एवं टूटी हुई मिलीं। पर्याप्त मात्रा में भूसा एवं हरा चारा न खिलाए जाने के कारण गौवंश का स्वास्थ्य भी अपेक्षित स्तर पर नहीं पाया गया। साथ ही, पानी की चरहियों में गंदगी देखी गई, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 दिवाकर त्रिपाठी द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त अव्यवस्थाओं के निराकरण के लिए पूर्व में कई बार ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया जा चुका है, किन्तु अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। स्थिति पर गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए सदस्य उपाध्याय ने मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार एवं खण्ड विकास अधिकारी लोधा से दूरभाष पर वार्ता कर कड़ी नाराज़गी प्रकट की और संबंधित ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सदस्य ने निर्देशित किया कि गौ आश्रय स्थल की साफ-सफाई, चारा-पानी की समुचित उपलब्धता एवं पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गौवंश की समुचित देखभाल हो सके। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ईएमएस/धर्मेन्द्र राघव/ 28 फरवरी 2026