राज्य
28-Feb-2026
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:: विकसित भारत की उत्प्रेरक : विज्ञान में महिलाएँ थीम पर केंद्रित दो दिवसीय आयोजन; लेजर और एक्सीलरेटर तकनीक बनी आकर्षण :: इंदौर (ईएमएस)। परमाणु ऊर्जा विभाग के प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र, राजा रामन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र (आरआरकेट) में शनिवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (एनएसडी-2026) का हर्षोल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. सी. वी. रमन द्वारा रमन प्रभाव की खोज की स्मृति में आयोजित इस दो दिवसीय महोत्सव में इन्दौर और आसपास के 84 स्कूलों के 1200 से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। इस वर्ष के आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय वैज्ञानिकों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करना और विज्ञान में महिलाएँ: विकसित भारत की उत्प्रेरक विषय के माध्यम से देश के विकास में महिला वैज्ञानिकों की भूमिका को रेखांकित करना है। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन आरआरकेट के निदेशक विराज पी. भणगे द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र के पश्चात आयोजन समिति की अध्यक्ष एवं एसोसिएट डायरेक्टर (प्रौद्योगिकी विकास और आधार वर्ग) डॉ. अल्पना राजन ने अपने संबोधन में बताया कि इस विशाल स्तर के आयोजन का लक्ष्य आरआरकेट में विकसित स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करना और युवा छात्रों को वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति आकर्षित करना है। निदेशक विराज पी. भणगे ने छात्रों को संबोधित करते हुए रमन प्रभाव के मूल सिद्धांतों और लेजर के कार्य करने की जटिल प्रक्रिया को अत्यंत सरल भाषा में समझाया। वहीं, एसोसिएट डायरेक्टर जिष्णु द्विवेदी ने एक्सीलरेटर (त्वरक) की अवधारणाओं को विद्यार्थियों के समक्ष रखा। :: दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष संवाद सत्र :: इस वर्ष के आयोजन का सबसे मानवीय और प्रेरणादायक पक्ष विशेष आवश्यकता वाले (श्रवण एवं वाक् बाधित) छात्रों के लिए की गई व्यवस्था रही। 30 से अधिक दिव्यांग छात्रों ने इंटरप्रेटर-शिक्षकों की सहायता से वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद किया। आरआरकेट के उत्कृष्ट वैज्ञानिक डॉ. विनीत कुमार ने इन विशेष छात्रों के लिए एक समर्पित व्याख्यान दिया। निदेशक विराज पी. भणगे ने स्वयं इन छात्रों की जिज्ञासाओं को सुना और उनके वैज्ञानिक प्रश्नों के उत्तर दिए, जिससे छात्रों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। :: प्रयोगशालाओं में 40 सजीव प्रदर्शनों का अवलोकन :: विद्यार्थियों को संगठित समूहों में आरआरकेट की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और प्रदर्शनी स्थलों का भ्रमण कराया गया। मुख्य आकर्षणों में शामिल रहे: - इंडस-2 सुविधा : सिंक्रोट्रॉन विकिरण पर आधारित मूवी शो और लाइव सीसीटीवी के माध्यम से विशाल अनुसंधान क्षेत्र का अवलोकन। - लेजर और 3-डी प्रिंटिंग : औद्योगिक Nd:YAG लेजर कटिंग, CO2 लेजर एयर ब्रेकडाउन और पाउडर बेड फ्यूजन आधारित 3-डी प्रिंटिंग का जीवंत प्रदर्शन। - क्रायोजेनिक्स : तरल नाइट्रोजन के प्रयोगों द्वारा कृत्रिम बादलों का निर्माण और न्यूनतम तापमान पर पदार्थों के भौतिक गुणों में आने वाले बदलावों का रोचक प्रदर्शन। - उन्नत इंजीनियरिंग : मैगलेव ट्रेन के मॉडल और अत्यधिक उच्च दबाव वाली वाटरजेट कटिंग मशीन का प्रदर्शन। :: प्रश्न मंच के माध्यम से शांत की जिज्ञासा :: युवा मस्तिष्क और कार्यरत वैज्ञानिकों के बीच की दूरी को कम करने के लिए प्रश्न मंच और वैज्ञानिक से प्रश्न पूछिए जैसे सत्रों का आयोजन किया गया। छात्रों ने भौतिकी के मूलभूत नियमों से लेकर अंतरिक्ष और ऊर्जा क्षेत्र के उन्नत अनुप्रयोगों पर कई सवाल पूछे। इसके अतिरिक्त, अग्निशमन विभाग द्वारा हाई-एक्सपेंशन फोम जनरेटर (2 लाख लीटर प्रति मिनट क्षमता) का सजीव प्रदर्शन किया गया, जिसे देख छात्र रोमांचित हो उठे। आरआरकेट प्रबंधन ने सभी आगंतुक छात्रों और शिक्षकों के लिए पंजीकरण किट, तकनीकी विवरणिका, एनएसडी-2026 स्मारिका कैप, अल्पाहार और भोजन की समुचित व्यवस्था की। निदेशक विराज पी. भणगे के मार्गदर्शन में डॉ. अल्पना राजन (अध्यक्ष) और डॉ. पी. गणेश (सदस्य सचिव) की समिति ने स्वयंसेवकों, प्रशासनिक कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के सहयोग से इस विशाल आयोजन को सफल बनाया। प्रकाश/28 फरवरी 2026