टैक्स के पैसे का इस्तेमाल ईरान में स्कूली बच्चों पर बमबारी के लिए हो रहा नई दिल्ली,(ईएमएस)। अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर शुरू किए गए बड़े सैन्य अभियान ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई इजरायली हमले में मारे गए हैं। ईरान के कई दिग्गज सैन्य कमांडर भी इस हमले में मारे गए हैं। ईरान में अमेरिका-इजराइल की सख्त कार्रवाई को लेकर भारत के नेताओं ने भी प्रतिक्रियाएं दी हैं। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- अमेरिका टैक्स के पैसे का इस्तेमाल ईरान में छोटे स्कूली बच्चों पर बमबारी करने के लिए कर रहा है, जबकि हेल्थकेयर में इतनी कटौती कर दी गई है कि लोग इंसुलिन खरीदने के लिए गोफंडमी का इस्तेमाल कर रहे हैं। सोचिए क्या हुआ। वहीं कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने खामेनेई का फोटो शेयर करते हुए लिखा, सितम की तेग से गर्दन वफा शिआरों की कटी है बर-सरे मैदॉं मगर झुकी तो नहीं। उनके कहना का मतलब है कि वफादार लोगों के सिर मैदान-ए-जंग में काट दिए गए, लेकिन उन्होंने झुकना स्वीकार नहीं किया। वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने एक्स पर लिखा- मुझे तानाशाही और धर्म पर आधारित देश पसंद नहीं हैं, लेकिन अयातुल्ला खामेनेई की हत्या और प्रेसिडेंट मादुरो की किडनैपिंग, दोनों ही गलत हैं और इंटरनेशनल कानून का उल्लंघन है। हम अब दुनिया में एक बहुत ही खतरनाक दौर में जा रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि इंसानियत तबाही आने से पहले सत्ता में बैठे लोगों पर लगाम लगा सकेगी। सोशल एक्टिविस्ट शबनम हाशमी ने लिखा- भारत को ईरान पर हमलों के खिलाफ बोलना चाहिए। अमेरिका और इजराइल के ऐसे हमले के सामने चुप रहने से पूरे इलाके में अस्थिरता पैदा होने का खतरा है। मिसाइलों पर डिप्लोमेसी को हावी होना चाहिए। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि करने वाले ट्रंप के पोस्ट पर मुस्लिम स्कॉलर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया को तबाही की ओर धकेल दिया है...अमेरिका और इजराइल का दावा है कि अयातुल्ला अली खामेनेई हमले में मारे गए हैं, पूरी तरह से झूठा है। दोनों देश ईरान के लोगों का हौसला तोड़ने के लिए झूठ फैला रहे हैं और गलत प्रोपेगैंडा कर रहे हैं... ईरान के लोग अपने सुप्रीम लीडर के साथ मजबूती से खड़े हैं...। सिराज/ईएमएस 01मार्च26 --------------------------------