राज्य
02-Mar-2026


- महाराष्ट्र में अब तक 4,135 टन प्लास्टिक कचरा ज़ब्त किया गया - नियम तोड़ने वालों से करीब 25 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र सरकार अब शादियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्लास्टिक या नॉन-बायोडिग्रेडेबल मटीरियल से बने कृत्रिम फूलों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त हो गई है। विधानसभा में सदस्य विक्रम पाचपुते द्वारा ध्यानाकर्षण सूचना का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बारे में साफ संकेत दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे फूल न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि उन किसानों के पेट पर भी भारी पड़ते हैं जो असली फूल उगाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी नॉन-बायोडिग्रेडेबल मटीरियल से बने कृत्रिम फूलों के इस्तेमाल पर बैन है। इस फैसले को और असरदार तरीके से लागू करने और इसमें क्लैरिटी लाने के लिए एक नया सरकारी फैसला (जीआर) जारी किया जाएगा। ऐसे फूलों से सजावट की इजाजत देने वाले डेकोरेटर्स और बड़े मैरिज हॉल के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस काम में पर्यावरण विभाग पहल करेगा और जरूरत पड़ने पर दूसरे सरकारी विभागों को भी इस कार्रवाई में शामिल किया जाएगा। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे ने प्लास्टिक बैन कार्रवाई पर सदन में एक रिपोर्ट पेश की। उन्होंने कहा, राज्य में अब तक 4,135 टन प्लास्टिक कचरा ज़ब्त किया गया है। नियम तोड़ने वालों से करीब 25 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। करीब 92 हज़ार जगहों पर नियमों का उल्लंघन पाया गया है और दोषियों के खिलाफ सज़ा भी हुई है। आने वाले दिनों में होली और दूसरे त्योहारों के मद्देनजर इको-फ्रेंडली रंगों और नेचुरल फूलों का इस्तेमाल करने के लिए जागरूकता अभियान फैलाई जाएगी। सरकार ने स्थानीय निकायों से भी इस अभियान में सक्रिय हिस्सा लेने की अपील की है। संजय/संतोष झा- ०२ मार्च/२०२६/ईएमएस