अंतर्राष्ट्रीय
02-Mar-2026
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वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई तब तक नहीं रुकेगी, जब तक अमेरिका अपने सभी निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर लेता। रविवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बेहद चौंकाने वाले वीडियो संदेश में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। ट्रंप के इस बयान ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी और इजरायली सेना ने मिलकर ईरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकानों, प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों और एयर डिफेंस सिस्टम सहित सैकड़ों ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। इस साझा सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की युद्धक क्षमताओं को पूरी तरह ध्वस्त करना है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान की सेना और पुलिस बल को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए हथियार डालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो सैनिक आत्मसमर्पण करेंगे, उन्हें सुरक्षा दी जाएगी, लेकिन विरोध जारी रखने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा, क्योंकि वह विश्व शांति के लिए खतरा है। इस बीच, युद्ध के मैदान से दुखद खबर भी सामने आई है। अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इन मौतों पर शोक जताते हुए ट्रंप ने स्वीकार किया कि इस संघर्ष में आगे और भी अमेरिकी सैनिकों की जान जा सकती है, लेकिन उन्होंने इसे एक न्यायपूर्ण मिशन करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि सैनिकों की शहादत बेकार नहीं जाएगी और अमेरिका उनकी मौत का बदला जरूर लेगा। ट्रंप ने इस अभियान को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक जंग बताया है। इस ताजा घटनाक्रम और अमेरिकी राष्ट्रपति के आक्रामक बयानों के बाद मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े युद्ध की आशंका गहरा गई है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी सेना पूरी ताकत के साथ मैदान में है और मिशन पूरा होने से पहले पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं उठता। वीरेंद्र/ईएमएस/02मार्च2026 ---------------------------------