-ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति ट्रंप की कार्रवाई को अमेरिकी सीनेटों का मिला समर्थन वॉशिंगटन,(ईएमएस)। ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई को रिपब्लिकन के वरिष्ठ लॉमेकर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” शुरू करने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने इसे ईरान के न्यूक्लियर इरादों को रोकने और अमेरिका के खिलाफ दशकों से चले आ रहे हमले का सामना करने के लिए एक जरूरी कदम बताया है। वहीं सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून ने कहा कि ईरान के मिसाइल बढ़ाने और हथियारबंद समूहों का समर्थन करने से एक ऐसा खतरा पैदा हुआ है जिसे माना नहीं जा सकता। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक थ्यून ने कहा कि सालों से, ईरान के लगातार न्यूक्लियर इरादे उसकी बढ़ी हुई बैलिस्टिक मिसाइल इन्वेंट्री और इलाके में आतंकी समूहों को उसका समर्थन, अमेरिकी सर्विस सदस्यों, इलाके के नागरिकों और हमारे कई साथियों के लिए एक साफ और माना नहीं जा सकने वाला खतरा रहा है। सीनेट मेजॉरिटी व्हिप जॉन बैरासो ने इस ऑपरेशन को रोकथाम बहाल करने के तौर पर बताया। व्हाइट हाउस ने रविवार को सांसदों और बयानों की एक पूरी लिस्ट जारी की गई। बैरासो ने कहा कि वह ईरान में बुरे आतंकी राज को खत्म करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के अहम कदम की तारीफ करता हूं। यह शक्ति के माध्यम से शांति है। इस दौरान सीनेट रिपब्लिकन कॉन्फ्रेंस के चेयर टॉम कॉटन ने कहा कि एक न्यूक्लियर-वेपन प्रोग्राम। हजारों मिसाइलें। आतंक को सरकारी स्पॉन्सरशिप। ईरान ने 47 सालों से अमेरिका के खिलाफ जंग छेड़ी हुई है। होस्टेज क्राइसिस, बेरूत मरीन बैरक, खोबर टावर्स, इराक और अफगानिस्तान में सड़क किनारे बम, जिनसे हजारों अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए, राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश। सेन रोजर विकर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑपरेशन के गोल्स साफ तौर पर बताए हैं। अयातुल्लाह की न्यूक्लियर वेपन बनाने की इच्छा को हमेशा के लिए नाकाम करना, उनकी बैलिस्टिक मिसाइल फोर्स और उनकी प्रोडक्शन क्षमता को कम करना और उनकी नौसेना और आतंक की क्षमता को खत्म करना। हाउस मेजॉरिटी लीडर स्टीव स्कैलिस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ डिप्लोमेसी के जरिए पक्की शांति बनाने के लिए बहुत मेहनत की है। इसके बजाय, ईरान अपने खतरनाक इरादों को पूरा करता रहा। सेनेटर लिंडसे ग्राहम ने खुलकर तारीफ की और कहा कि आतंकवाद की मदरशिप डूब रही है। कैप्टन मर चुका है। बहुत बढ़िया, प्रेसिडेंट ट्रंप। बता दें अमेरिकी संविधान के तहत, राष्ट्रपति कमांडर-इन-चीफ के तौर पर काम करते हैं, हालांकि बड़े सैन्य ऑपरेशन में ट्रेडिशनली कांग्रेस में ओवरसाइट डिबेट होती है। सांसदों ने संकेत दिया कि ऑपरेशन के आगे बढ़ने पर और ब्रीफिंग की उम्मीद है। बता दें 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ईरान अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का केंद्र बना हुआ है, जिसमें बैन, प्रॉक्सी कॉन्फ्लिक्ट और यूरेनियम एनरिचमेंट पर विवादों जैसे तनाव शामिल हैं। न्यूक्लियर हथियार बनाने से ईरान को रोकना अमेरिका में दशकों से दोनों ही पार्टियों का मकसद रहा है, भले ही दोनों सरकारों की डिप्लोमेसी, बैन और ताकत के इस्तेमाल के बीच संतुलन पर अलग-अलग राय रही हो। सिराज/ईएमएस 02मार्च26