राज्य
02-Mar-2026
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संकल्प से समाधान अभियान के तहत राजस्व अधिकारियों द्वारा दिखाई जाए अधिक सक्रियता सभी एसडीएम उपार्जन के लिए पूर्व नियोजित ढंग से करें तैयारी, केंद्रों की स्थापना के लिए समयसीमा में भेजें प्रस्ताव नरवाई प्रबंधन के उपायों को गंभीरता एवं प्राथमिकता से करें लागू समय सीमा की बैठक संपन्न नर्मदापुरम (ईएमएस)। सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक के दौरान संकल्प से समाधान अभियान, एचपीवी वैक्सीनेशन, उपार्जन सहित अन्य योजनाओं, अभियानों एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा की। समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर ने ‘संकल्प से समाधान’ अभियान की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने निर्देशित किया कि अभियान के तहत अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त किए जाएं तथा उन्हें निर्धारित पोर्टल पर समयसीमा में फीड करना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग इस दिशा में विशेष सक्रियता दिखाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदन प्राप्त होने के उपरांत यदि उन्हें पोर्टल पर फीड नहीं किया जाता है, तो राज्य स्तर पर जिले की रैंकिंग प्रभावित हो सकती है। अतः सभी संबंधित अधिकारी इस संबंध में विशेष सतर्कता बरतें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एसडीएम स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए तथा अभियान को व्यापक रूप से जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने समस्त सीएमओ एवं सीईओ को भी निर्देशित किया कि अभियान अवधि के दौरान प्रगति में उल्लेखनीय सुधार लाया जाए। बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि श्रम विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं के तहत भी पर्याप्त संख्या में आवेदन प्राप्त किए जाएं, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी इस अभियान को कैंपेन मोड में गंभीरता एवं प्राथमिकता के साथ संचालित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि विद्यालयों में 14 वर्ष तक आयु की बालिकाओं का चिन्हांकन कर उनका टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बालिकाओं के परिजनों को एचपीवी वैक्सीनेशन के महत्व एवं इसके स्वास्थ्य लाभों की संपूर्ण जानकारी दी जाए, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति न रहे और अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूलों में काउंसलिंग सेशन आयोजित किए जाएं, जिनमें महिला अधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया कि ड्रॉप आउट बालिकाओं पर विशेष फोकस करते हुए उनका चिन्हांकन कर टीकाकरण कराया जाए। कलेक्टर ने यह निर्देश भी दिए कि ब्लॉक लेवल अधिकारियों के लिए ओरिएंटेशन सेशन आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें अभियान की समयसीमा, कार्यप्रणाली एवं लक्ष्य के संबंध में पूर्ण जानकारी हो और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर ने गेहूं उपार्जन कार्य की तैयारियों की समीक्षा करते हुए समस्त एसडीएम को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि गेहूं उपार्जन के संबंध में समितियों का निर्धारण एवं उपार्जन केंद्रों के प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर नियमानुसार प्रेषित किए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार वेयरहाउस का सत्यापन निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। साथ ही अन्य आवश्यक औपचारिकताएं भी समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं, जिससे उपार्जन कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे उपार्जन कार्य के लिए पूर्व नियोजित ढंग से तैयार रहें तथा उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक संसाधनों—जैसे तौल कांटा, बारदाना, पेयजल, छाया एवं अन्य व्यवस्थाएं—की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इस दौरान कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा से संबंधित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने हिट एंड रन के प्रकरणों में त्वरित जांच कर समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ितों को शासन द्वारा निर्धारित सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जा सके। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए सभी संबंधित विभाग समन्वय स्थापित करें और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच एवं प्रतिवेदन में किसी प्रकार की अनावश्यक विलंबिता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने रहवीर योजना तथा शासन की महत्वाकांक्षी कैशलेस योजना के तहत सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का समय-सीमा के अनुरूप प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर ने समस्त एसडीएम को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अनुविभागों में नरवाई प्रबंधन के उपायों को गंभीरता एवं प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को नरवाई प्रबंधन के वैज्ञानिक एवं वैकल्पिक तरीकों के संबंध में व्यापक रूप से जागरूक किया जाए, जिससे खेतों में फसल अवशेष जलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके। कलेक्टर ने भूसे की प्रतिपूर्ति के लिए गौशालाओं का सर्वे कर उन्हें चिन्हित करने के निर्देश भी दिए, ताकि फसल अवशेषों का सदुपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि नरवाई के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए इस कार्य में निजी संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे ग्राम स्तरीय अमले के साथ बैठक कर नरवाई प्रबंधन की वर्तमान स्थिति का समुचित आकलन करें तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें। साथ ही समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नरवाई मुक्त ग्राम बनाने हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी अमल सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार जैन, डिप्टी कलेक्टर डॉ बबीता राठौर, श्रीमती नीता कोरी एवं श्रीमती सरोज परिहार सहित अन्य जिलाधिकारी गण उपस्थित रहे। ईएमएस2राजीव अग्रवाल/ 02 मार्च 2026