पटना(ईएमएस)। बिहार में मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही मौसम के मिजाज में तल्खी आने लगी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा विश्लेषण के अनुसार, इस साल गर्मी न केवल जल्दी शुरू हुई है, बल्कि यह सामान्य के मुकाबले कहीं अधिक तीखी और लंबे समय तक रहने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिया है कि मार्च से लेकर मई तक राज्य का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ना तय है। मौसम केंद्र के विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार पूर्वी और पूर्व-मध्य भारत के हिस्सों में हीटवेव यानी लू चलने वाले दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। चूंकि बिहार इसी क्षेत्र में आता है, इसलिए राज्य के अधिकांश जिलों में अप्रैल और मई के दौरान भीषण लू का प्रकोप रहेगा। दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में तो अभी से ही तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। इस साल की गर्मी की एक बड़ी विशेषता हीट आइलैंड प्रभाव होगी। शहरी क्षेत्रों में कंक्रीट की ऊंची इमारतें, पक्की सड़कें और वाहनों की भीड़ गर्मी को सोख लेती है और उसे देर रात तक छोड़ती रहती है। इसके कारण शहरों में रात के समय भी तापमान अधिक रहेगा और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग का मानना है कि यह स्थिति मई के अंत तक बनी रहेगी, जिसके बाद ही प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है। प्रचंड गर्मी और लू के खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभी से बचाव की तैयारी करने की सलाह दी है। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से बचने के लिए प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी, नींबू पानी, छाछ या ओआरएस का सेवन करना आवश्यक है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच, जब सूरज की किरणें सबसे तीखी होती हैं, बाहर निकलने से बचने की कोशिश करनी चाहिए। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो छाता, टोपी या सूती गमछे का प्रयोग जरूर करें। खान-पान में तली-भुनी चीजों की जगह दही, सलाद और ताजे फलों को शामिल करना शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मददगार साबित होगा। बच्चों और बुजुर्गों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है क्योंकि वे लू की चपेट में जल्दी आते हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/03मार्च2026