राष्ट्रीय
03-Mar-2026


नई दिल्ली,(ईएमएस)। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले संविधान सभा चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। प्रशासनिक आदेशों के तहत वाल्मीकिनगर-त्रिवेणी बॉर्डर सहित अन्य संवेदनशील सीमा क्षेत्रों को 72 घंटे के लिए पूरी तरह सील कर दिया गया है। यह पाबंदी 2 मार्च की मध्यरात्रि 12 बजे से प्रभावी हो चुकी है, जो 5 मार्च की मध्यरात्रि 12 बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान सीमा पार से होने वाले सामान्य आवागमन और वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम चुनाव सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उठाया गया है। सीमा पर केवल एम्बुलेंस और अन्य अत्यंत आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को ही गहन जांच के बाद आने-जाने की अनुमति दी जा रही है। यदि कोई नेपाली मतदाता भारतीय क्षेत्र से मतदान के लिए त्रिवेणी पहुंचता है, तो उसकी नागरिकता और मतदाता पहचान पत्र की कड़ाई से जांच करने के बाद ही उसे प्रवेश दिया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 6 मार्च की सुबह से सीमा पर स्थिति सामान्य कर दी जाएगी और आवागमन पूर्व की भांति सुचारू हो जाएगा। चुनाव के मद्देनजर नेपाल सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शराब की बिक्री और वितरण पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। सीमा पार से किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को रोकने के लिए बिहार पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया है। बगहा सहित सीमा से सटे जंगली रास्तों और नदी मार्गों पर गश्त तेज कर दी गई है। स्थानीय पुलिस प्रशासन के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में कड़ी चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी असामाजिक तत्व चुनावी प्रक्रिया में बाधा न डाल सके। इस अंतरराष्ट्रीय सीलबंदी का मुख्य उद्देश्य सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और तस्करी को रोकना है। नेपाल में संसदीय चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों देशों के सुरक्षा निकाय निरंतर संपर्क में हैं। एसएसबी के जवान आधुनिक उपकरणों और खोजी कुत्तों की मदद से हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाएगा। वीरेंद्र/ईएमएस/03मार्च2026