क्षेत्रीय
03-Mar-2026
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- एक कैदी से मिलने के लिए मांगी थी रिश्वत कल्याण, (ईएमएस)। मुंबई से सटे कल्याण की आधारवाड़ी जेल में एक कैदी से मिलने के लिए रिश्वत मांगे जाने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस मामले में एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने जाल बिछाकर जेल के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है और इस कार्रवाई से पूरे जेल प्रशासन में हड़कंप मचा है। इस कार्रवाई से उन कर्मचारियों के होश उड़ गए हैं जो सरकारी काम या कैदियों की सुविधाओं के लिए पैसे मांगते हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपी कर्मचारियों के नाम शरद पानपाटिल और सतीश भोसले है। मालूम हो कि कल्याण की आधारवाड़ी जेल में कई कैदी सजा काट रहे हैं या न्यायिक हिरासत में हैं। नियमों के मुताबिक, कैदियों के रिश्तेदार उनसे मिल सकते हैं। लेकिन, जेल में काम करने वाले दो कर्मचारियों ने एक कैदी के रिश्तेदारों से मिलवाने के एवज में 1500 रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्तेदार ने इसकी शिकायत एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में दर्ज कराई। रिश्तेदारों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ठाणे एंटी-करप्शन ब्यूरो ने मामले की जांच की। शिकायत सही पाए जाने पर अधिकारियों ने आधारवाड़ी जेल इलाके में जाल बिछा दिया। प्लान के मुताबिक, जब शिकायत करने वाले रिश्तेदार कर्मचारियों को 1500 रुपये देने पहुंचे, तो एंटी-करप्शन टीम ने दोनों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल इलाके में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई के बाद ठाणे एंटी-करप्शन ब्यूरो ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। इस मामले में कल्याण के खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में दोनों कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। चूंकि रिश्वतखोरी के ऐसे मामले जेल जैसी संवेदनशील जगहों पर हो रहे हैं, जहां सुरक्षा और अनुशासन सबसे ज़रूरी है, इसलिए अब प्रशासन के कामकाज पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में आगे की जांच चल रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इसमें कोई और तो शामिल नहीं है। संतोष झा- ०३ मार्च/२०२६/ईएमएस