- नोटिस धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत ईडी की याचिका पर जारी किया गया मुंबई (ईएमएस)। मुंबई की विशेष अदालत ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले से जुड़े मामले में फरार हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भाइयों नीशल मोदी और नेहल मोदी को नोटिस जारी किया है। अदालत ने उनसे पूछा है कि उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी क्यों न घोषित किया जाए। यह नोटिस धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर जारी किया गया। दोनों भाइयों को 7 मई तक जवाब देने को कहा गया है। नीरव मोदी की कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी आदित्य नानावटी और संदीप मिस्त्री को भी इसी तरह का नोटिस जारी किया गया है। अदालत का उद्देश्य है कि यदि किसी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाता है, तो उसकी संपत्ति जब्त या कुर्क की जा सके। ईडी के अनुसार नेहल मोदी ने फर्जी कंपनियों और विदेशों में किए गए लेन-देन के जरिए बड़ी रकम छिपाने में नीरव मोदी की मदद की थी। वहीं नीशल मोदी दुबई में बनाई गई फर्जी कंपनियों में डमी साझेदारों की नियुक्ति और कुछ कंपनियों में हस्ताक्षरकर्ता या लाभार्थी होने का आरोप झेल रहे हैं। नेहल मोदी को 2025 में अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार नेहल और नीशल दोनों बेल्जियम के नागरिक हैं। नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी पर पीएनबी से 23,780 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है। नीरव मोदी वर्तमान में लंदन की जेल में हैं, जबकि मेहुल चोकसी बेल्जियम में प्रत्यर्पण प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। सतीश मोरे/06मार्च ---