राज्य
06-Mar-2026


राज्य सरकार से हाईकोर्ट ने किया जवाब - तलब जबलपुर, (ईएमएस)। मप्र उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा तथा न्यायाधीश विनय सराफ की संयुक्तपीठ ने प्रदेश में संचालित सरकारी स्कूलों की स्थिति पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से इन्फ्रास्ट्रक्चर और उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत विवरण पेश करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने यह भी कहा कि पेश किए जाने वाले जवाब में न केवल राज्य सरकार वरन स्थानीय निकायों द्वारा संचालित स्कूलों की स्थिति का भी पूरा ब्यौरा पेश किया जाए। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस सिलसिले में राज्य के मुख्य सचिव व स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को नोटिस जारी कर छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को नियत की है। गौरतलब हो कि ‎जबलपुर के करौंदी स्थित कैंट स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर प्रकाशित एक समाचार के आधार पर उच्च न्यायालय ने 22 अप्रैल 2025 को मामले में स्वतः संज्ञान लिया था। इसी मामले में गुरुवार को संयुक्तपीठ ने सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय के संज्ञान में आया कि संबंधित स्कूल राज्य सरकार के बजाय स्थानीय निकाय द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस पर संयुक्तपीठ ने निर्देश दिया कि पूरे प्रदेश में राज्य सरकार तथा स्थानीय निकायों द्वारा संचालित स्कूलों की मौजूदा स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की जानकारी प्रस्तुत की जाए। मामले में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनुभव जैन उपस्थित हुए। अजय पाठक / मोनिका / 06 मार्च 2026/ 02.48