छिंदवाड़ा जबलपुर (ईएमएस)। नाबालिग के साथ ज्यादती करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश जुन्नारदेव के न्यायालय ने आरोपी सनोरी पिता सम्मूलाल उइके निवासी पिपलावाडी नवेगांव को १० साल के सश्रम कारावास और १ हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मोहित नामदेव ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व १९ अगस्त २०२५ को पीड़िता अपनी सहेलियों के साथ स्कूल से वापस घर लौट रही थी। इसी बीच पीड़िता जब घर की तरफ जा रही थी, तभी पेड़ के नीचे बैठे आरोपी सनोरी ने उसे जबरदस्ती अपने साथ ले गया और उसके साथ ज्यादती की। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद पीड़िता अपने परिजनों के साथ नवेगांव थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत कराई। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी सनोरी उइके पिता सम्मूलाल के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां न्यायालय ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होकर न्यायालय ने उसे १० साल के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। ईएमएस / 06/03/2026