ज़रा हटके
07-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। स्वयं का आदर करना महज़ एक आदत नहीं, बल्कि भीतर से मजबूती देने वाला अहसास है। खुद की तारीफ करना, ज़रूरत पड़ने पर मदद लेना, आराम करना और खुद को प्राथमिकता देना ये सभी कदम सेल्फ लव का हिस्सा हैं और व्यक्ति को मजबूत, खुश व स्वस्थ बनाते हैं। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सेल्फ लव का अर्थ है अपनी कमियों, गलतियों, खूबियों और उपलब्धियों के साथ खुद को वैसा ही स्वीकार करना जैसा आप हैं। यह नकारात्मक आत्म-आलोचना को कम करके खुद के प्रति विनम्र रहने की सीख देता है। इसमें खुद को माफ करना, दूसरों से तुलना न करना और अपनी खुशियों को संजोना शामिल है। सेल्फ लव व्यक्ति को खुद की जरूरतों को समझने और उन्हें प्राथमिकता देने का साहस देता है। मनोविज्ञान विशेषज्ञ बताते हैं कि सेल्फ लव मानसिक स्वास्थ्य को गहराई से प्रभावित करता है। इसके अभ्यास से तनाव, चिंता और घबराहट में कमी आती है। जब व्यक्ति खुद से दयालुता से पेश आता है, तो मन शांत रहता है और नकारात्मक सोच कम होती है। शोध भी दिखाते हैं कि सेल्फ-कंपैशन तनाव को घटाता है और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और रेजिलिएंस यानी मुश्किलों से उबरने की क्षमता मजबूत होती है। जीवन की चुनौतियों का सामना व्यक्ति अधिक सहजता से कर पाता है और असफलता की स्थिति में भी टूटने के बजाय दोबारा उठ खड़ा होता है। सेल्फ लव का असर हमारे रिश्तों पर भी सकारात्मक पड़ता है। जब व्यक्ति खुद की अहमियत करता है, तो वह दूसरों के साथ भी स्वस्थ और संतुलित संबंध बना पाता है। वह स्पष्ट बाउंड्री सेट करना सीखता है और विषाक्त रिश्तों से दूर रहने का साहस जुटा पाता है। इससे परिवार, दोस्तों और कार्यस्थल पर रिश्तों की गुणवत्ता में सुधार आता है। शारीरिक स्वास्थ्य पर भी सेल्फ लव गहरा प्रभाव डालता है। जब व्यक्ति खुद की परवाह करना सीखता है, तो वह स्वस्थ भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और आराम को अपने जीवन का हिस्सा बना लेता है। इससे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर कम होता है, इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और दिल की बीमारियों सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा घट जाता है। खुद को महत्व देने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। सुदामा/ईएमएस 07 मार्च 2026