मुंबई (ईएमएस)। जल्द ही अभिनेता और फिल्म निर्देशक महेश मांजरेकर ‘एनिमल’ नामक नए नाटक में मुख्य भूमिका निभाते दिखाई देंगे। वे लंबे अंतराल के बाद रंगमंच पर वापसी करने जा रहे हैं। नाटक का निर्माण जाने-माने थिएटर निर्माता अश्विन गिडवानी ने किया है, जबकि प्रोडक्शन एजीपी वर्ल्ड के बैनर तले तैयार किया गया है। लगभग नौ वर्षों की लंबी तैयारी और गहन चर्चाओं के बाद ‘एनिमल’ मंच पर उतारने के लिए तैयार है। इसमें महेश मांजरेकर ने अभिनेता होने के साथ-साथ निर्देशक की जिम्मेदारी भी संभाली है, जिससे नाटक में और अधिक प्रामाणिकता और भावनात्मक जुड़ाव आया है। ‘एनिमल’ की कहानी दत्तू नाम के एक साधारण युवक पर आधारित है, जो महाराष्ट्र के पंढरपुर के पास स्थित एक छोटे से शहर से बड़े सपनों के साथ मुंबई आता है। दत्तू कोई हीरो नहीं, बल्कि हजारों युवाओं की तरह स्टार बनने की आशा लेकर महानगर का रुख करने वाला आम लड़का है। महेश मांजरेकर बताते हैं कि उन्होंने दत्तू जैसे अनगिनत युवाओं को इंडस्ट्री में आते और संघर्ष करते देखा है कुछ सफल हुए, जबकि अधिकतर भीड़ में गुम हो गए। मांजरेकर के अनुसार, उन्हें इस नाटक की ओर सबसे ज्यादा खींचने वाली चीज दत्तू की मासूमियत थी। शहर उसे एक झटके में नहीं बदलता, बल्कि धीरे-धीरे उसकी भावनाओं और संवेदनाओं को खोखला कर देता है। छोटे-छोटे अपमान, असफलताएँ और समझौते उसे अंदर से तोड़ते जाते हैं और इसी क्रम में वह धीरे-धीरे ‘जानवर’ बनता जाता है। नाटक महत्वाकांक्षा की कीमत और चमकदार सपनों के पीछे छुपी कड़वी सच्चाई को उजागर करता है। दिलचस्प बात यह है कि महेश मांजरेकर ने मंच पर मुंबई के दृश्यात्मक सौंदर्य जैसे मरीन ड्राइव या चमकते स्काईलाइन को दिखाने के बजाय शहर को उसकी आवाज़ों के माध्यम से जीवंत किया है। नाटक में स्थानीय ट्रेन के अनाउंसमेंट, ऑडिशन रूम की नेक्स्ट पुकार, बंद होते दरवाजों और शहर की भागदौड़ की ध्वनियाँ शामिल की गई हैं। स्टेज पर जानबूझकर खालीपन रखा गया है, ताकि यह दर्शाया जा सके कि मुंबई बहुत सारी जगह देती है, लेकिन अक्सर अपनी जगह नहीं देती। ‘एनिमल’ अपनी कथा के माध्यम से उन संघर्षों को उजागर करता है, जो शहर की चमक-दमक के पीछे छुपे होते हैं। सुदामा/ईएमएस 07 मार्च 2026