राष्ट्रीय
07-Mar-2026
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कहा— नए नेताओं को मिलना चाहिए अवसर नई दिल्ली,(ईएमएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय गोयल ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 75 वर्ष की आयु के बाद सक्रिय राजनीति से स्वेच्छा से हटने की परंपरा विकसित होनी चाहिए, ताकि नए नेताओं को आगे आने का अवसर मिल सके। भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने के फैसले पर अनावश्यक हंगामा खड़ा किया जा रहा है, जबकि असली बहस इस बात पर होनी चाहिए कि वरिष्ठ नेताओं को एक निश्चित आयु के बाद सक्रिय राजनीति से स्वयं पीछे हटने की पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे लोकतंत्र में नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और वरिष्ठ नेता अपने लंबे सार्वजनिक जीवन का शांतिपूर्वक मूल्यांकन भी कर सकेंगे। दरअसल भाजपा नेता विजय गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में लिखा कि सभी जानते हैं कि नीतीश कुमार का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पहले जैसा नहीं रहा है। ऐसे में वे राज्यसभा जाएं या न जाएं, इससे न उन्हें कोई विशेष फर्क पड़ता है और न ही देश या राज्य की राजनीति पर बड़ा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद इस विषय को लेकर अनावश्यक रूप से हाय-तौबा मचाई जा रही है। गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर चुके हैं। उनके इस फैसले के बाद जनता दल (यू) के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनसे निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है। हालांकि 6 मार्च को हुई पार्टी बैठक में नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया कि वे राज्यसभा जाएंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे बिहार की राजनीति और पार्टी से जुड़े रहेंगे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विधायकों और पार्टी नेताओं से कहा कि वे चिंता न करें और संगठन को मजबूत करने के लिए काम जारी रखें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे राजनीति से संन्यास नहीं ले रहे हैं। हिदायत/ईएमएस 07मार्च26