व्यापार
07-Mar-2026


- रूस भारत को एक सप्ताह में भेज सकता है लगभग 2.2 करोड़ बैरल तेल नई ‎‎दिल्ली (ईएमएस)। रूस ने भारत को निर्यात किए जाने वाले कच्चे तेल के आंकड़ों को सार्वजनिक न करने का निर्णय लिया है। क्रेमलिन के एक प्रवक्ता ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ती भू-राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए यह कदम रूस के हित में जरूरी है। उनका कहना है कि कई देश और समूह रूस के ऊर्जा व्यापार पर नजर रखे हुए हैं और उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा है और ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता दिखाई दे रही है। हाल ही में अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत की रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट देने की बात कही थी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भारत को होने वाली रूसी तेल आपूर्ति को लेकर कई रिपोर्टें सामने आईं। इनमें दावा किया गया कि रूस भारत को एक सप्ताह में लगभग 2.2 करोड़ बैरल तेल भेज सकता है, हालांकि रूस ने इसे औपचारिक रूप से पुष्टि नहीं की। रूसी सरकारी मीडिया में जारी मानचित्र ने भी ध्यान खींचा, जिसमें अरब सागर से बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ते तेल टैंकर दिखाए गए हैं, जो भारत के पूर्वी तट की रिफाइनरियों की ओर जा रहे हैं। रूस के उप प्रधानमंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने संकेत दिया कि भारत और चीन जैसे बड़े ग्राहकों को तेल की आपूर्ति बढ़ाने के लिए रूस तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस एशियाई देशों के साथ अपने ऊर्जा व्यापार को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ने के कारण भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग आने वाले समय में और गहरा हो सकता है। सतीश मोरे/07मार्च ---