नई दिल्ली (ईएमएस)। देश में गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले समूह द्वारा आपूर्ति की जाने वाली एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) की कीमतों में अचानक तीन गुना तक बढ़ोतरी की खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक गैस का दाम करीब ₹40 प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर से बढ़ाकर लगभग 120 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर कर दिया गया है। इस बढ़ोतरी को लेकर कई सामाजिक और राजनीतिक वर्गों में चिंता व्यक्त की जा रही है। आलोचकों का कहना है कि इतनी बड़ी कीमत वृद्धि से घरेलू पाइप्ड गैस (पीएनजी) और औद्योगिक गैस की लागत पर सीधा असर पड़ सकता है, जिससे आम उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है। विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और नरेन्द्र मोदी की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ऐसी परिस्थितियों में गैस की कीमतों पर नियंत्रण और पारदर्शिता जरूरी है। उनका आरोप है कि संकट के समय कंपनियों को अत्यधिक मूल्य वृद्धि की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि सरकार या कंपनी की ओर से इस बढ़ोतरी पर आधिकारिक विस्तृत बयान अभी सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति की स्थिति भी कीमतों को प्रभावित कर सकती है। एसजे/ 7 मार्च /2026