व्यापार
07-Mar-2026


- बढ़ती तेल व उर्वरक कीमतें बढ़ा सकती है महंगाई नई दिल्ली (ईएमएस)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव लंबा खिंचने की स्थिति में भारतीय रुपये की विनिमय दर पर दबाव बढ़ सकता है। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार कच्चे तेल और एलएनजी जैसे बड़े आयातों पर निर्भरता के कारण मुद्रा अवमूल्यन का खतरा है। साथ ही सुरक्षित निवेश की ओर वैश्विक पूंजी प्रवाह भी रुपये पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। पेट्रोलियम और उर्वरकों की बढ़ती कीमतें महंगाई बढ़ाने का जोखिम पैदा कर सकती हैं। हालांकि, भारत के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार और नियंत्रित महंगाई के कारण वैश्विक मूल्य वृद्धि का असर आंशिक रूप से संतुलित है। वित्त मंत्रालय ने चेताया है कि संकट लंबे समय तक जारी रहा तो यह दबाव बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू खाता घाटा फिलहाल कम है और बाहरी क्षेत्र स्थिर बना हुआ है। अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ सक्रिय व्यापार कूटनीति निर्यात गंतव्यों का विविधीकरण कर रही है, जिससे मध्यम अवधि में बाह्य मजबूती बढ़ने की उम्मीद है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत और वास्तविक सकल मूल्यवर्धन वृद्धि 7.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जनवरी 2026 में आर्थिक गतिविधियां मजबूत रहीं, जिसमें लॉजिस्टिक गतिविधियों, पीएमआई विस्तार और मजबूत मांग ने योगदान दिया। सतीश मोरे/07मार्च ---