क्षेत्रीय
07-Mar-2026
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झाँसी (ईएमएस )आज जन औषधि दिवस है। यह प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है। काफी प्रचार एवं प्रसार के बाद भी इस योजना को चिकित्सकों द्वारा प्रोत्साहन नहीं दिया जा रहा है। इस कारण सस्ती दवाओं को देने वाले इन जन औषधि केंद्रों की स्थिति काफी खराब होने लगी है।डॉक्टरों द्वारा पर्चे पर ब्रांडेड दबाए लिखी जाती है जिसके कारण इन औषधि केन्द्रो को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। चिकित्सकों द्वारा पर्चे पर ब्रांडेड दवाई लिखी जाने के कारण औषधि केन्द्रो पर रखी दवाएं एक्सपायर हो जाती हैं जिससे इन केन्द्रो को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि सरकारी अस्पतालों के पास खुले जन औषधि केंद्र भी घाटे में चल रहे हैं। और उनके संचालक अपना लाइसेंस सरेंडर करना चाहते हैं। मरीज को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा जेनेरिक दवाओं को प्रोत्साहन दिया गया था। इसके लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले गए लेकिन चिकित्सकों की अनदेखी ने इन केन्द्रो को खोलने की उपयोगिता पर पानी फेर दिया। सूत्रों के अनुसार सरकार द्वारा प्रोत्साहित करने के बाद जिले में लगभग 25 औषधि केंद्र खोले गए थे इनमें से फिलहाल 15 चल रहे हैं। इन पर मिलने वाली दवाएं ब्रांडेड दवाओं के समान ही होती है लेकिन इनकी कीमत काफी कम होती है। चिकित्सक जेनेरिक दवाओं की जगह बड़ी कंपनियों की दवाएं लिखते हैं।इन केंद्र के संचालकों का कहना है कि एक केंद्र पर हर साल करीब ₹500000 कीमत की दवा एक्सपायर हो जाती है। इस कारण वह अपना स्टॉक भी सीमित रखते हैं सीमित दवाई रखने से जो मरीज जन औषधि केन्द्रो पर पहुंचते हैं उन्हें वह दवा नहीं मिल पाती है। इन केन्द्रो के संचालकों का सीधा-सीधा आरोप है की कमीशन खोरी के कारण चिकित्सक सिर्फ ब्रांडेड दवाई ही लिखते हैं जिससे उनका बहुत नुकसान होता है। सरकार को इस दिशा में कदम उठाना चाहिए। एक जन औषधि केंद्र संचालक दिवाकर त्रिपाठी का कहना है कि गवर्नमेंट चिकित्सकों को निर्देशित करें कि वह अपने पर्चे पर ब्रांडेड की जगह बेसिक साल्ट ही लिखें जिससे केंद्र संचालकों के साथ-साथ मरीजों का भी फायदा हो क्योंकि जन औषधि केंद्र में ब्रांडेड दवाओं की तुलना में दवाएं 40 से 50 परसेंट सस्ती मिलती है। इस बारे में सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि विभाग झांसी श्री दीपक कुमार का कहना है कि जिले में 15 जन औषधि केंद्र ही अभी चल रहे हैं।कई दुकान संचालकों ने लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं। जिले में 10 और जन औषधि केंद्र खोले जाने हैं।शरद शिवहरे /ईएमएस /7मार्च