नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने घूस लेने की आरोपी दिल्ली पुलिस की एक महिला कॉन्स्टेबल को राहत देने से इनकार कर दिया है। आरोप है कि महिला कॉन्स्टेबल ने एक मोबाइल फोन खोने की शिकायत दर्ज करने के लिए दो सौ रुपये की रिश्वत ली थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने घूस लेने की आरोपी दिल्ली पुलिस की एक महिला कॉन्स्टेबल को राहत देने से इनकार कर दिया है। आरोप है कि महिला कॉन्स्टेबल ने एक मोबाइल फोन खोने की शिकायत दर्ज करने के लिए दो सौ रुपये की रिश्वत ली थी। हाईकोर्ट ने कहा कि घटना का वीडियो पुलिसकर्मियों के भ्रष्टाचार में शामिल होने की पुष्टि कर रहा है। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल व जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने इस मामले में महिला कॉन्स्टेबल की दोबारा नौकरी पर रखे जाने की याचिका को नामंजूर कर दिया है। बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता महिला कॉन्स्टेबल और सहआरोपी हेड कॉन्स्टेबल के खिलाफ एक ऐसा वीडियो सबूत है, जिसे दिल्ली ही नहीं देश के अधिकांश राज्यों के निवासियों ने सीधे रिश्वत लेते देखा है। वीडियो के असली होने की पुष्टि भी हो गई है। बेंच ने कहा कि मामला पर एकतरफा है। इससे पूर्व महिला कॉन्स्टेबल ने नौकरी बहाली के लिए केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में याचिका दायर की थी। कैट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वीडियो साफ दिख रहा है कि रिश्वत की रकम लेते हुए दोनों पुलिस कर्मियों के चेहरे पर कोई हिचक नहीं है। कैट ने कहा कि दिल्ली ही नहीं पूरे देश ने इस घटना को होते टीवी पर देखा है। कैट ने कहा कि वीडियो की जांच हो चुकी है, जोकि सही पाई गई है। खबर 14 सितंबर को प्रसारित हुई। ऐसे में बरामदगी संभव नहीं थी। वहीं अब हाईकोर्ट ने कैट के आदेश पर मुहर लगाते हुए महिला कॉन्स्टेबल का राहत देने से इनकार कर दिया है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/07/मार्च/2026