खूंटी(ईएमएस)।सोसाइटी ऑफ़ जीसस के सुप्रीयर जेनरल रोम के फादर अर्टूरो एमए सोसो शनिवार को तोरपा पहुंचे।उन्होंने यहां पर फादर कांस्टेन्ट लिवन्स के द्वारा 1885 में स्थापित तिजोरी व कार्यस्थल को देखा।यह तिजोरी वर्तमान में एसडीपीओ ऑफिस तोरपा में स्थापित है। वर्तमान में इसका उपयोग स्थानीय डाकघर द्वारा नगदी व अन्य कागजात रखने में किया जाता है।फादर सुप्रीयर जेनरल के साथ सोसाइटी ऑफ़ जीसस रोम के फादर वेरनोन डी क्यूनाह, फादर जॉर्ज मुथोलील, फादर क्लाडियो पॉल,फादर विवियन रिचर्ड्स, सोसाइटी ऑफ़ जीसस रांची के प्रोवीन्सियल फादर अजीत खेस ने भी फादर लिवन्स द्वारा स्थापित तिजोरी व अन्य चीजों का अवलोकन किया।उन्होंने फादर कांस्टेन्ट लिवन्स के चित्र पर फूल चढ़ाकर तथा उनके चित्र के समक्ष मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी।इसके पूर्व तोरपा थाना पहुंचने पर एएसपी क्रिस्तोफर केरकेट्टा, सिस्टर प्रसिन्ता,सिस्टर सुभाषनी खलखो, सिस्टर विनीता,थाना प्रभारी मुकेश कुमार यादव, आनंद कुमार सिन्हा,किरण डूंगड़ूग, सुजीत टोप्पो, रौशनी डूंगड़ूग, आदित्य केरकेट्टा, मीरा आदि ने सभी अतिथियों का फूल व बुके देकर स्वागत किया।फादर कांस्टेन्ट लिवन्स का जन्म बेलजीयम में हुआ था। 1885 में वे तोरपा आये थे। बताया जाता है कि इस दौरान वे वर्तमान तोरपा थाना के पास खपरैल मकान में रहते थे।यहीं से वे घोड़ा में बैठकर गांव का दौरा किया करते थे।इसी दौरान उन्होंने गांव के डॉक्यूमेंट व ग्रामीणों से मिले सहयोग राशि आदि को सुरक्षित रखने के लिये तिजोरी बनवाया था जो आज भी विद्यमान है। वर्तमान में यह तिजोरी एसडीपीओ तोरपा के कार्यालय में सुरक्षित है। फादर लिवन्स तोरपा में 1888 तक रहे थे। कर्मवीर सिंह/07मार्च/26