:: मेडिकल स्टोर्स के लिए प्रिस्क्रिप्शन की छायाप्रति रखना अनिवार्य; उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई :: इंदौर (ईएमएस)। शहर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने इंदौर (मेट्रोपोलिटन) सीमा में सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। अब से चिन्हित दवाओं का विक्रय केवल पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर के लिखित प्रिस्क्रिप्शन (पर्चे) पर ही किया जा सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी 29 अप्रैल, 2026 तक प्रभावी रहेगा। :: इन दवाओं पर रहेगी कड़ी निगरानी :: पुलिस आयुक्त के आदेशानुसार, नशीली और संवेदनशील दवाओं की श्रेणी में आने वालीं नाइट्राजेपाम, क्लोनेजेपाम, डायजेपाम, ऑक्साजेपाम, इटिजोलाम, एल्प्राजोलम, कोडीन फास्फेट और क्लोजापाम (जैसे फीजीयम) की समस्त टेबलेट्स और सिरप की बिक्री पर पूरी तरह नियंत्रण रहेगा। साथ ही, गर्भपात/गर्भसमापन से संबंधित औषधियों जैसे Ru486, मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल (गोली, इंजेक्शन, जेल) की बिक्री के लिए डॉक्टर का लिखित पर्चा अनिवार्य कर दिया गया है। :: मेडिकल स्टोर्स को रखना होगा रिकॉर्ड :: नियमों के पालन को पुख्ता करने के लिए मेडिकल संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे बेची गई उक्त दवाओं के लिखित प्रिस्क्रिप्शन की छायाप्रति (फोटोकॉपी) अनिवार्य रूप से अपने पास सुरक्षित रखें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और औषधि प्रशासन को अपने अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से नियमित और आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी मेडिकल स्टोर पर अनियमितता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इन आदेशों का उल्लंघन न केवल अन्य संबंधित अधिनियमों के तहत, बल्कि भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत भी एक दंडनीय अपराध माना जाएगा। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की यह पहल युवाओं को नशे की लत से बचाने और अवैध गर्भपात पर लगाम कसने के उद्देश्य से की गई है। प्रकाश/07 मार्च 2026