मुंगेर, (ईएमएस)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व संध्या पर शनिवार को मुंगेर समाहरणालय परिसर में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा समाहरणालय परिसर में पौधा रोपण किया गया। साथ ही एक जागरूकता रैली भी निकाली गयी, जिसे जिलाधिकारी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर एडीएम आपदा संजय कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह, वरीय उप समाहर्ता प्रिया, वरीय उप समाहर्ता कुमारी श्वेता, डीपीओ आईसीडीएस गुंजन मौली, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुकन्या, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका सहित सैकड़ों की संख्या में सेविका आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कहने को तो अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एक दिन का आयोजन है, जिसे हर्षाेल्लास से मनाया जाता है। परन्तु देखा जाए तो महिला दिवस एक दिन का कार्यक्रम नहीं उनका योगदान पुरूषों के जीवन में 365 दिन रहता है। प्रत्येक पुरूष के जीवन तथा उनकी सफलता में महिला का अहम योगदान होता है। आज हम सभी यदि इस परिसर में खड़े हैं तो इसके पीछे हमारी मां हैं। उन्होंने ही हमें जन्म दिया और बिना स्त्री के सृष्टि की कल्पना बिल्कुल कोड़ी है। महिला सशक्तिकरण के इस दौर में आज जहां हिन्दुस्तान की प्रथम महिला महामहिम राष्ट्रपति भी एक महिला ही हैं। देश के विभिन्न राज्यों में आज महिलाएं पुरूषांे के कंधे से कंधा मिलाकर देश विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहीं हैं। आज की महिलाएं सिर्फ चुल्हा-चैका या किचन तक ही सीमित नहीं रहीं, वो शिक्षित होकर न सिर्फ स्वयं का बल्कि परिवार, समाज और देश के विकास में अहम भूमिका निभा रही है। चाहे सर्वाेच्च पद आईएएस, आईपीएस हो या चिकित्सक, इंजीनियर अथवा इसरो या वैज्ञानिक, या फिर राजनीति हर क्षेत्र में आज महिलाएं पुरूषों के समकक्ष खड़ी हैं। बिहार देश का ऐसा राज्य है, जहां सबसे अधिक महिलाएं पदाधिकारी अथवा कर्मी के रूप में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत है, जो यह दर्शाता है कि महिला सशक्तिकरण का असर देश में किस कदर हुआ। माननीय मुख्यमंत्री ने बिहार की महिलाओं के उत्थान एवं महिला सशक्तिकरण के लिए जो कदम उठाए उसी का परिणाम है कि महिलाएं आज बिहार में सशक्त होकर हर क्षेत्र में खड़ी हैं। कई क्षेत्रों में तो महिलाएं पुरूषों से भी आगे हैं। जीविका की शुरूआत महिला सशक्तिकरण के लिए मील का पत्थर साबित हुआ और माननीय मुख्यमंत्री की यही सोच महिलाओं को आज सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों से अपील करे हुए कहा कि आप सभी अपने बच्चों को निश्चित रूप से शिक्षित बनाएं ताकि वे भी आपकी हमारी तरह अच्छे अच्छे पदों पर आसिन हो देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं। जिलाधिकारी ने महिला दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी महिला अधिकारी एवं कर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। संतोष झा- ०७ मार्च/२०२६/ईएमएस