बालाघाट (ईएमएस). आखिरकर विवादों के बाद बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने लोक निर्माण विभाग के विधायक प्रतिनिधि अबू शाह को पद से मुक्त कर दिया है। विधायक मुंजारे ने 7 मार्च को इस आश्य का पत्र कलेक्टर मृणाल मीना को भी प्रेषित किया है। जिसकी प्रतिलिपि कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक 1 और जिला जन संपर्क अधिकारी बालाघाट को भी प्रदान की है। बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे के विधायक प्रतिनिधियों की कारगुजारियों से न केवल विधायक की छबि खराब हो रही है। बल्कि कांग्रेस संगठन में भी असंतोष नजर आ रहा है। हाल ही में विधायक मुंजारे ने निजी सहायक निराला को भी पद से पृथक कर दिया है। वहीं अब प्रतिनिधि अबु शाह को पद से पृथक किया है। इन दोनों ही प्रतिनिधियों के कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसके बाद विधायक ने यह कदम उठाया है। इन घटनाओं ने न केवल विधायक की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं, बल्कि कांग्रेस संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी को भी सार्वजनिक कर दिया है। ठेकेदार अबु शाह का धमकी भरा ऑडियो हुआ था वायरल लालबर्रा क्षेत्र के किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मुनेंद्र ठाकरे और विधायक प्रतिनिधि व ठेकेदार अबु शाह के बीच कथित बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यह बातचीत 28 फरवरी की बताई गई है। लेकिन इस ऑडियो की पुष्टि न तो जबलपुर एक्सप्रेस करता है और न ही वैधानिक रुप से उसकी पुष्टि हो पाई है। इस ऑडियो में ठेकेदार अबु शाह ने कांग्रेसी नेता मुनेंद्र ठाकरे को न केवल धमकी दी थी। बल्कि एक निर्माण कार्य की आरटीआई से मांगी गई जानकारी का आवेदन उठाने के लिए दबाव बनाया था। इस ऑडियो में अबु शाह ने कांग्रेस संगठन ने अन्य पदाधिकारियों का भी नाम लिया था। ठेकेदार शाह की धमकी के बाद लालबर्रा के कांग्रेसियों ने एक बैठक कर इस विषय पर चर्चा की। शाह पर कार्यवाही की मांग को लेकर लालबर्रा थाना प्रभारी को ज्ञापन भी सौंपा था। निराला पर भी पद के दुरुपयोग के लगे आरोप इसी क्रम में विधायक प्रतिनिधि निराला सिंह बघेल पर भी पद के दुरुपयोग के आरोप सामने आए, जिसके बाद उन्हें भी हटा दिया गया था। करीब एक माह पहले निराला सिंह बघेल का ऑडियो वायरल हुआ था, तब विधायक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे कार्यालयीन कार्यों से मुक्त कर दिया था। उस समय इसे अनुशासनात्मक कदम के रूप में देखा गया था। लेकिन लगातार सामने आ रहे विवादों ने यह संकेत दिया है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर गहरी समस्या मौजूद है। संगठन में असंतोष की इन घटनाओं की कड़ी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि एक और कथित ऑडियो विवाद ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। अब्बू शाह, जिन्हें विधायक का प्रतिनिधि और ठेकेदार बताया जा रहा है, की गतिविधियों को लेकर राजनीति गर्म हो गई है। भानेश साकुरे / 07 मार्च 2026