राष्ट्रीय
08-Mar-2026
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मुंबई(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच शिवसेना (यूबीटी) ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और भारत सरकार की भूमिका पर तीखी टिप्पणी की है। पार्टी के मुखपत्र में प्रकाशित कॉकरोच मरते नहीं शीर्षक वाले लेख के माध्यम से राज्यसभा सांसद संजय राउत ने वैश्विक राजनीति, अमेरिका की रणनीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। लेख में दावा किया गया है कि इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमले न केवल वैश्विक शांति के लिए खतरा हैं, बल्कि इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। संजय राउत ने अपने लेख में तर्क दिया है कि युद्ध अक्सर राजनीतिक उद्देश्यों को साधने का एक जरिया मात्र होता है। उन्होंने इस संघर्ष की तुलना 1950 में तिब्बत पर चीन के कब्जे से करते हुए कहा कि जिस तरह माओ त्से तुंग ने आजादी के नाम पर तिब्बत पर नियंत्रण किया, उसी तरह आज अमेरिका और इजरायल तानाशाही से मुक्ति के नाम पर ईरान में अपने आर्थिक और राजनीतिक हितों को साध रहे हैं। लेख में विशेष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों को इस युद्ध का जनक बताया गया है। सबसे कड़ा प्रहार भारत की विदेश नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किया गया है। शिवसेना (यूबीटी) का आरोप है कि इस वैश्विक संकट के दौरान भारत की कूटनीतिक उपस्थिति अत्यंत कमजोर और मौन रही है। लेख में तंज कसते हुए कहा गया कि जिस नेतृत्व को विश्व स्तर पर मजबूत बताया जाता है, वह इस संघर्ष को रोकने में विफल रहा है। फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री की इजरायल यात्रा का उल्लेख करते हुए लेख में कहा गया कि उस यात्रा के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया, लेकिन भारत की ओर से शांति की कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दी। लेख का निष्कर्ष यह है कि शक्तिशाली देश अपने स्वार्थ के लिए युद्ध का सहारा ले रहे हैं, लेकिन जिन्हें कमजोर समझा गया, वे उम्मीद से कहीं अधिक कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। लेख के अनुसार, पश्चिमी देशों का यह अनुमान गलत साबित हुआ कि ईरान को आसानी से घुटनों पर लाया जा सकता है। संजय राउत ने लिखा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की शहादत और कई सैन्य अधिकारियों के मारे जाने के बावजूद ईरान ने हार नहीं मानी है। इजरायल की राजधानी तेल अवीव पर हुए मिसाइल हमलों और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान ने झुकने से साफ इनकार कर दिया है। लेख में गाजा पट्टी में हो रही नागरिकों और बच्चों की मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे मानवता के लिए एक बड़ा संकट करार दिया गया है। वीरेंद्र/ईएमएस/08मार्च2026