राष्ट्रीय
08-Mar-2026
...


नई दिल्ली(ईएमएस)। रंगों से भरा होली पर्व का उत्सव अब समाप्त हो गया है। इसके साथ ही मौसम ने अपने रंग बिखेरना शुरु कर दिया है। देश में इस वक्त तीन तरह की मौसमी रंग दिखाई दे रहे है। एक वो इलाका है जहां रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है तो दूसरा वो क्षेत्र है जहां बारिश हो रही है और तीसरे इलाके में बर्फबारी की संभावना है। महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्य भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) की चपेट में हैं, वहीं उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और पूर्वी भारत में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि गर्मी ने इस साल समय से पहले ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र इस समय देश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है। अकोला में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से करीब 4.8 डिग्री अधिक है। अमरावती, वर्धा और वाशिम जैसे शहरों में भी पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मार्च की शुरुआत में ही तापमान का इस स्तर पर पहुंचना आने वाले महीनों के लिए एक गंभीर संकेत है। राजस्थान के बाड़मेर में भी पारा 38 डिग्री के पार जा चुका है, जिससे मरुधरा में अभी से तपिश महसूस होने लगी है। दूसरी ओर, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इस बदलाव से मैदानी इलाकों, विशेषकर दिल्ली- एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में सुबह-शाम हल्की ठंडक बनी हुई है, हालांकि दोपहर की तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी गर्मी का असर बढ़ने लगा है। यूपी के बुंदेलखंड क्षेत्र में पारा 35 डिग्री के पार जा चुका है, वहीं बिहार और झारखंड में 9 से 11 मार्च के बीच मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, इन राज्यों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में भी प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं, जिससे केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में बारिश की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि साफ आसमान और एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण सूरज की किरणें सीधे धरती तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है। यदि आने वाले दिनों में पारा सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक रहता है, तो कई राज्यों में आधिकारिक तौर पर हीटवेव की घोषणा की जा सकती है। वीरेंद्र/ईएमएस/08मार्च2026