राष्ट्रीय
08-Mar-2026
...


देहरादून(ईएमएस)। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित करने और बाहरी राज्यों के व्यावसायिक वाहनों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब ऑल इंडिया परमिट वाले बाहरी व्यावसायिक वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड के साथ-साथ ट्रिप कार्ड रखना अनिवार्य होगा। इस नए नियम के तहत वाहन चालकों को यात्रियों का संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराना होगा, अन्यथा उन्हें चेक पोस्ट से वापस लौटा दिया जाएगा। आरटीओ प्रशासन ने केंद्र सरकार द्वारा अखिल भारतीय पर्यटक यान (परमिट) के नियमों में किए गए संशोधनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। नई गाइडलाइन के अनुसार, ट्रिप कार्ड यात्रियों और चालक की पूरी कुंडली खंगालेगा। इसमें चालक का नाम, यात्रियों के नाम और उनके स्थायी पते का विस्तृत ब्यौरा दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करने से पहले जिस राज्य में अंतिम टोल कटा है, उसकी पर्ची और यात्रियों के ठहरने के लिए बुक किए गए होटल का विवरण भी दिखाना होगा। इस व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब बाहरी राज्य के व्यावसायिक वाहन चारधाम रूट पर लगातार अपनी मनमानी नहीं चला सकेंगे। नए नियमों के मुताबिक, 60 दिन की अवधि पूरी करने के बाद वाहन को अनिवार्य रूप से एक बार अपने मूल राज्य वापस लौटना होगा। यदि कोई वाहन चालक ऐसा नहीं करता है, तो इसे परमिट शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित वाहन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक की व्यवस्था में बाहरी राज्यों के वाहन स्वामी केवल ग्रीन कार्ड बनवाकर छह महीने तक लगातार उत्तराखंड के यात्रा रूटों पर वाहन संचालित करते थे और कपाट बंद होने के बाद ही वापस लौटते थे। इससे स्थानीय वाहन स्वामियों के रोजगार पर असर पड़ता था। अब ट्रिप कार्ड की अनिवार्यता और 60 दिन की समय सीमा लागू होने से बाहरी वाहनों की बेलगाम आवाजाही पर रोक लगेगी, जिसका सीधा लाभ उत्तराखंड के स्थानीय व्यावसायिक वाहन चालकों और मालिकों को मिलेगा। उनकी आय में वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक यात्रा रूट पर बनाए गए चेक पोस्ट पर इन दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाएगी। आरटीओ प्रशासन ने एआरटीओ को निर्देश दिए हैं कि इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों या कर्मियों के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इस पहल का उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित बनाना और परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। वीरेंद्र/ईएमएस/08मार्च2026