09-Mar-2026
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- भोपाल सहित 8 जेलों में सुविधा, 3630 महिला कैदी जेलों में बंद भोपाल (ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब पुरुष की तरह महिला कैदियों को भी खुली जेल की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। फिलहाल भोपाल सहित प्रदेश की जेलों में 3634 महिला कैदी बंदी हैं। वैसे तो सभी जेलों में क्षमता से 30 से 35 फीसदी अधिक कैदी रखे गए हैं। अभी विधानसभा में भी पूछे एक सवाल के जवाब में बताया गया कि प्रदेश की 133 जेलों में क्षमता से 42119 कैदी बंद हैं, जबकि इनकी संख्या 30 हजार 764 कैदियों की है। इसमें बताया गया कि इंदौर की सेंट्रल जेल की क्षमता 1280 है, तो यहां 2191 कैदी बंद हैं। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि आधे से ज्यादा कैदी प्रदेश की जेलों में ऐसे बंद हैं, जिन्हें अभी तक अदालत से सजा ही नहीं मिली है। यानी 22261 कैदी विचाराधीन हैं, जिनमें 851 महिला कैदी भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय पूर्व निर्देश दिए थे कि खुली जेलों में महिलाएं भी रह सकती हैं, जिसके चलते मध्यप्रदेश के जेल मेन्यूअल में बदलाव का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, ताकि महिलाओं को खुली जेल में रखा जा सके। इन जेलों में उन कैदियों को रखा जाता है जिन पर गंभीर अपराध साबित ना हुए हैं या फिर वे आदतन अपराधी ना रहे हों। अभी सुरक्षा की दृष्टि से महिला कैदियों को खुली जेलों में नहीं रखा जाता था। मगर अब सुरक्षा प्रबंध कड़े करने के साथ प्रदेश की जो 8 खुली जेल है वहां पर महिला कैदियों को भी रखा जा सकेगा, जिसमें भोपाल के अलावा इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, सागर, ग्वालियर और जबलपुर शामिल हैं। उन कैदियों को भी तय शर्तों के साथ खुली जेल में रखा जाता है जिन्होंने अपनी कैद की अवधि के दौरान अनुशासन बनाए रखा और झगड़े का कोई रिकॉर्ड ना हो और अपनी सजा का एक बड़ा हिस्सा वे काट चुके हैं, ताकि फरारी का जोखिम ना रहे। विनोद / 09 मार्च 26