- 16 लाख का क्लेम न चुकाने पर नेशनल इंश्योरेंस ऑफिस पहुंची कुर्की टीम शॉर्ट टाईम देेने गिड़गिड़ाया ब्रांच मैनेजर तो टली कार्रवाई गुना (ईएमएस)। न्यायालय के आदेश की अवहेलना करना नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को भारी पड़ गया। सडक़ दुर्घटना में मृतक के परिवार को क्षतिपूर्ति राशि न देने पर पंचम जिला न्यायाधीश ओमप्रकाश सिंह रघुवंशी के आदेशानुसार सोमवार को कुर्की की टीम कंपनी के स्थानीय कार्यालय पहुंची। हालांकि, अंतिम समय पर ब्रांच मैनेजर द्वारा लिखित आश्वासन और कुछ दिनों का समय मांगने पर कुर्की की कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता ने बताया कि ग्राम घटावदा निवासी सुमन राजपूत के पति हीरालाल राजपूत की एक सडक़ दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इस संबंध में उन्होंने क्लेम हेतु न्यायालय में वाद दायर किया था। न्यायालय ने 2 सितंबर 2025 को पीडि़त परिवार के पक्ष में 16 लाख 66 हजार रुपये की राशि अदा करने का आदेश बीमा कंपनी को दिया था। आदेश के पांच-छह महीने बीत जाने के बाद भी जब कंपनी ने राशि जमा नहीं की, तो न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए कंपनी की जंगम संपत्ति (ऑफिस के सामान) को कुर्क करने के वारंट जारी कर दिए। मैनेजर ने मांगा समय, चेतावनी के साथ टली कार्रवाई सोमवार को जब कोर्ट के बेलीफ और वकील कुर्की की कार्रवाई के लिए ए.बी. रोड स्थित एलआईसी कॉम्प्लेक्स पहुंचे, तो वहां हडक़ंप मच गया। टीम ऑफिस का सामान कुर्क करने की तैयारी में थी, तभी ब्रांच मैनेजर ने दखल देते हुए भुगतान के लिए तीन से चार दिन का संक्षिप्त समय मांगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस अवधि के भीतर क्लेम की राशि डिक्रीदार को सौंप दी जाएगी। अधिवक्ता के अनुसार, यदि इस निश्चित समय सीमा में राशि जमा नहीं की गई, तो पुन: न्यायालय के माध्यम से कुर्की की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। - सीताराम नाटानी