क्षेत्रीय
09-Mar-2026
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- अंतर्विषयी अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास’ पर चर्चा मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई के प्रसिद्ध के.सी. कॉलेज के आईटी विभाग ने एचएसएनसी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर 7 मार्च को कोलाबा कैंपस के मोहिनी हिरो पुनवानी ऑडिटोरियम में अंतर्विषयी अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास पर अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस (आईआरआईएसडी 2026) का सफलतापूर्वक आयोजन किया। कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग विषयों के अकादमिक, शोध, इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स और विद्यार्थियों ने आइडिया शेयर किए और सतत विकास के लिए नए तरीकों पर चर्चा की। कॉन्फ्रेंस में विज्ञान, तकनीकी और इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस और सूचना प्रोद्यौगिकी, मैनेजमेंट, कॉमर्स और इकोनॉमिक्स, ह्यूमैनिटीज और सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान और कृषि विज्ञान, और हेल्थ, शिक्षा और एप्लाइड साइंसेज जैसे कई अंतर्विषयी क्षेत्रों में अनुसंधान योगदान का स्वागत किया गया। इन थीम्स ने मौजूदा ग्लोबल चुनौतियों से निपटने में अलग-अलग क्षेत्रों के बीच सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया। कांफ्रेंस की शुरुआत संयोजक और आईटी विभाग की हेड डॉ. राखी गुप्ता के गर्मजोशी से स्वागत के साथ हुई। कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता फैकल्टी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की डीन और के.सी. कॉलेज की कार्यप्रभारी प्राचार्य प्रो. डॉ. तेजश्री वी. शानबाग ने की। आईआईटी बॉम्बे के डॉ. अलंकार का बीज वक्तव्य विशेष रूप से उल्लेखनीय था, जिन्होंने मशीन लर्निंग और वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार में इसकी बढ़ती भूमिका पर जानकारी दी। कॉन्फ्रेंस में डॉ. राजेंद्र पाटिल, डॉ. हिरेन डांड, ए. एम. आदित्य (सिंगापुर), लुइस अरागॉन (अर्जेंटीना) और जूलियट कचिज़की (अर्जेंटीना) जैसे जाने-माने नेशनल और अंतर्राष्ट्रीय विद्वानों के वक्तव्य हुए। इस अवसर तकनीकी शोध प्रपत्र की प्रस्तुति और शोधकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत शोध पत्रों का मूल्यांकन भी किया गया। संतोष झा- ०९ मार्च/२०२६/ईएमएस