* अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवसपर ‘नारी गौरव संवाद’ में उत्कृष्ट महिलाओं और संस्थाओं को सम्मान * प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ मंत्र के साथ महिला सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता दोहराई गांधीनगर (ईएमएस)| मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने साफ तौर पर कहा कि राज्य और देश के सर्वांगीण विकास में महिला शक्ति का अमूल्य योगदान है। यह बात उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित ‘नारी गौरव संवाद और माता यशोदा अवॉर्ड वितरण’ कार्यक्रम में कही। इस कार्यक्रम में राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. मनीषा वकील के अलावा विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित महिलाएं मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने इस समारोह में महिला कल्याण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने के लिए एक श्रेष्ठ स्वैच्छिक संस्था और एक श्रेष्ठ महिला कार्यकर्ता को ‘गुजरात महिला विकास पुरस्कार’ से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त, राज्य के चार जोन में श्रेष्ठ कार्य करने वाली मुख्य सेविका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बहनों को ‘माता यशोदा अवॉर्ड’ से भी नवाजा गया। मुख्यमंत्री ने खेल, सामाजिक, रक्षा, उद्योग, कला-संस्कृति और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों की महिला अग्रणियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद कर महिला उत्कर्ष के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की और महिलाओं के कल्याण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए लागू राज्य सरकार की प्रोत्साहक योजनाओं पर विस्तार से रोशनी डाली। भूपेंद्र पटेल ने यह भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हमेशा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ मंत्र के साथ महिलाओं के साथ खड़ी रही है और भविष्य में भी खड़ी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिलाएं घर की चौखट लांघ कर कोई नया कार्य शुरू करती हैं, तब उनके सामने अनेक सामाजिक चुनौतियां खड़ी होती हैं। लेकिन, इन अवरोधों को पार कर सफल होने वाली महिलाएं देश की दूसरी लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा की किरण बन जाती हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम में उपस्थित उद्यमी महिलाओं को समाज की असली ‘रोल मॉडल’ करार दिया। गुजरात में नारी सशक्तिकरण के मॉडल पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तभी से उन्होंने महिलाओं के उत्कर्ष के लिए अनेक नई पहलें करते हुए राज्य की अनेक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता की है। अभी राज्य में 2.70 लाख से अधिक सखी मंडल कार्यरत हैं। इन मंडलों के माध्यम से राज्य की लाखों बहनों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार के साथ जोड़ा गया है। ये आंकड़े ही साबित करते हैं कि महिलाएं राज्य के आर्थिक निर्माण में मजबूत भागीदार हैं। गुजरात की बेटियां विज्ञान और इंजीनियरिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपना डंका बजाएं, इसके लिए राज्य सरकार की कटिबद्धता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान संकाय के प्रति राज्य की अधिकतर बेटियों का रुझान बढ़ाने के लिए सरकार ने ‘नमो लक्ष्मी’ ‘नमो सरस्वती’ जैसी क्रांतिकारी योजनाएं कार्यान्वित की हैं। इन योजनाओं के तहत कक्षा 9 से 12 की पढ़ाई के लिए छात्राओं को 50,000 रुपए से लेकर 75,000 रुपए तक की सहायता प्रदान कर उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों के स्टार्टअप्स को समुचित प्रोत्साहन देकर राज्य में एक मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण किया है, जिसका लाभ अनेक महिला उद्यमियों को मिला है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि राज्य की अधिक से अधिक महिलाओ को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाकर उन्हें ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब गिवर’ बनाने का हमारा दृढ़ संकल्प है। उन्होंने विशेषकर ‘होम-बेस्ड स्टार्टअप’ का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि ऐसे घर-आधारित स्टार्टअप से जुड़ी महिलाओं को प्रोत्साहन देने के लिए आगामी समय में उन्हें उचित श्रेणी में शामिल करके और अधिक आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में सरकार सक्रिय रूप से विचार कर रही है। इस अवसर पर महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डॉ. मनीषा वकील ने राज्य की नारी शक्ति के योगदान की सराहना की। इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जब हम समाज को कुछ देते हैं, तभी सही मायने में हमें बहुत कुछ वापस मिलता है। महिलाओं में नैसर्गिक रूप से ही त्याग और समर्पण की भावना होती है। यह मंत्र महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से अधिक समर्थ बनाने के साथ ही समाज में उनके योगदान को एक नई पहचान देगा। डॉ. वकील ने आगे कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘नारी गौरव संवाद’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं की समस्याएं और उनके सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचते हैं, जिससे इस दिशा में उचित सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने पद्मश्री अवॉर्ड प्राप्त करने वाली महिलाओं, नीति आयोग द्वारा पुरस्कृत महिलाओं, सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं, खेल और कला जगत की विख्यात महिलाओं, शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहीं महिलाओं के अलावा राज्य की सांस्कृतिक हस्तकला से जुड़ी प्रतिभाशाली महिलाओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद किया। इन नारी रत्नों ने भी राज्य सरकार के महिला कल्याण के दृष्टिकोण एवं आयोजन की सराहना की। सतीश/09 मार्च