-प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 1,250 डॉलर से घटकर महज 161 डॉलर रह गई गाजा,(ईएमएस)। दो साल से जारी भीषण युद्ध और इजराइली प्रतिबंधों के बीच गाजा पट्टी में रह रहे फिलिस्तीनी इस साल एक अभूतपूर्व आर्थिक तबाही के बीच रमजान का पवित्र महीना बिता रहे हैं। एक ताजा विश्लेषण के मुताबिक गाजा में बुनियादी खाद्य पदार्थों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम परिवारों के लिए इफ्तार का इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती है। बता दें अक्टूबर 2023 में युद्ध शुरू होने के बाद से खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी उछाल आया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चिकन 14 शेकेल से बढ़कर 25 शेकेल प्रति किलो हो गया है। 30 अंडों की ट्रे 13 शेकेल से बढ़कर 35 शेकेल हो गई। टमाटर की कीमतें दोगुनी हो गई हैं, जबकि खीरा 300फीसदी तक महंगा हो गया है। छह सदस्यों के एक मध्यम वर्गीय परिवार के लिए बुनियादी इफ्तार का खर्च अब करीब 150 शेकेल (यानी 48 डॉलर) तक पहुंच गया है, जो युद्ध से पहले केवल 79 शेकेल था। वहीं, सहरी के साधारण भोजन का खर्च भी 18.6 शेकेल से बढ़कर 31.5 शेकेल हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक कीमतें बढ़ने के साथ-साथ लोगों की कमाई का जरिया पूरी तरह खत्म हो चुका है। यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय 1,250 डॉलर से घटकर महज 161 डॉलर रह गई है। ट्रेड यूनियनों का कहना है कि बेरोजगारी की दर 95फीसदी को पार कर चुकी है। कारखाने, खेत और मछली पकड़ने वाली नाव नष्ट होने के कारण अब लोग काम नहीं, बल्कि जीवित रहने के लिए भोजन के पैकेट तलाश रहे हैं। आर्थिक विशेषज्ञों का आरोप है कि इजराइल की प्रतिबंधात्मक नीतियों के कारण मानवीय सहायता के ट्रक पर्याप्त संख्या में गाजा नहीं पहुंच पा रहे हैं। जहां प्रतिदिन 1,000 ट्रकों की जरूरत है, वहां केवल 200 से 250 ट्रक ही पहुंच पा रहे हैं। इसके अलावा आयात पर कुछ ही व्यापारियों के एकाधिकार ने भी कीमतों को कृत्रिम रूप से ऊंचा बनाए रखा है। सिराज/ईएमएस 10 मार्च 2026