-ईरान का 90 फीसदी कच्चा तेल एक्सपोर्ट, इसकी लोडिंग जेटी से तेहरान,(ईएमएस)। इजराइल-अमेरिका के ईरान पर हमले से शुरू हुआ युद्ध दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है। इसे अमेरिका का 2003 के बाद से क्षेत्र में सबसे भीषण हमला माना जा रहा है। ईरान की राजधानी तेहरान समेत बड़े शहरों में लगातार सैन्य और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है। अमेरिका-इजराइल के हवाई हमले में ईरान के खार्ग आइलैंड को छुआ तक नहीं है। यह आईलैंड ईरान के शासन के लिए बेहद अहम है। इस पर हमले से तेहरान शासन गिर सकता है लेकिन इसके बावजूद अमेरिका और इजराइल गठबंधन इससे दूर हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक्सपर्ट का कहना है कि खार्ग ईरान के दक्षिणी तट से 25 किलोमीटर दूर एक चट्टानी आइलैंड है। यह हर दिन करीब 20 लाख बैरल तेल हैंडल करता है। ईरान का 90 फीसदी कच्चा तेल एक्सपोर्ट इसकी लोडिंग जेटी से जाता है। इससे होने वाली आमदनी ईरानी सरकार के बजट का 40 फीसदी है। इसमें आईआरजीसी को बड़ा हिस्सा मिलता है, जो 31 प्रोविंशियल कमांड को ऑपरेशनल रखता है। रिपोर्ट के मुताबि अमेरिका और इजरायल की हवाई ताकत ऐसी है कि अगर वह लोडिंग जेटी पर स्ट्राइक करें तो एक रात में इसे तबाह कर देंगे और ईरान सरकार का रेवेन्यू खत्म हो जाएगा। ईरान के 80 फीसदी एयर डिफेंस तबाह हो चुके हैं। तेहरान में शाहरान फ्यूल डिपो और मेहराबाद एयरपोर्ट पर हमला हो चुका है। खार्ग आइलैंड की सुरक्षा पुरानी हॉक सरफेस टू एयर मिसाइल बैटरी और कोस्टल एंटी-शिप मिसाइलों से होती है। आइलैंड पर मॉडर्न एस-300 एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती नहीं है। साफ है कि खार्ग ऐसी जगह नहीं है, जहां पहुंचा नहीं जा सकता है। यह इसलिए अछूती है क्योंकि वहां अटैक के ऐसे नतीजे होंगे, जिन्हें गठबंधन संभाल नहीं पाएगा। खार्ग पर हमले से ईरानी क्रूड ग्लोबल मार्केट से हट जाएगा क्योंकि ऑफशोर लोडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर बनाने में सालों लगते हैं। ईरानी क्रूड हर दिन चीन को इंपोर्ट का 14 लाख बैरल है। यह नहीं होगा तो ब्रेंट 100 डॉलर से 150 तक पहुंच जाएगा। यह दुनिया में मंदी लाएगा और ग्लोबल साउथ को एकजुट होने का मौका मिलेगा। ऐसा हमला चीन को अमेरिका के खिलाफ क्षेत्रीय एकजुटता करने की वजह देगा। खार्ग पर हमला सिर्फ ईरान सरकार का रेवेन्यू ही नहीं अमेरिका की युद्ध के आर्थिक नतीजों को मैनेज किए जा सकने वाले पैरामीटर के अंदर रखने की क्षमता भी खत्म कर देगा। सिराज/ईएमएस 10 मार्च 2026