राष्ट्रीय
10-Mar-2026
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प्रमोद तिवारी ने पेट्रोलियम मंत्रालय को ठहराया जिम्मेदार नई दिल्ली,(ईएमएस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान पर इजरायल तथा अमेरिका के संयुक्त हमले के बाद वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते भारत में भी कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पर असर पड़ने लगा है। देश के कई हिस्सों में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने सिलेंडर की कमी की शिकायत की है, जिससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में चिंता का माहौल बन गया है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में रेस्टोरेंट एसोसिएशनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही एलपीजी की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कई खाने-पीने की दुकानों को बंद करना पड़ सकता है। बेंगलुरु में तो कुछ होटल और रेस्तरां ने अस्थायी रूप से सेवाएं बंद करने का निर्णय भी लिया है। एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने मुंबई और बेंगलुरु में रेस्टोरेंट्स को हो रही परेशानी का जिक्र करते हुए मीडिया से कहा, कि सरकार वास्तविक स्थिति छिपाकर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार दावा कर रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है, जबकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर करता है। उनके अनुसार देश में उपयोग होने वाले लगभग 80 प्रतिशत कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पाद विदेशों से आते हैं। ऐसे में वैश्विक आपूर्ति बाधित होने का असर भारत पर भी पड़ना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार इस सच्चाई को स्वीकार करने के बजाय जनता को गलत जानकारी दे रही है। वहीं समाजवादी पार्टी के नेता नीरज कुशवाहा मौर्य ने भी एलपीजी की कमी को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लगातार महंगाई का बोझ आम जनता पर डाल रही है और गैस के दाम पहले ही कई बार बढ़ चुके हैं। अब यदि एलपीजी की कमी की खबरें सामने आ रही हैं तो यह बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उनका कहना है कि मध्य पूर्व में युद्ध जैसे हालात को देखते हुए सरकार की जिम्मेदारी है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति समय पर और पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित करे, लेकिन सरकार इस दिशा में विफल दिखाई दे रही है। पहले दाम बढ़ाए अब कमी आई, मंत्रालय जिम्मेदार कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी एलपीजी संकट के लिए केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, कि सरकार पहले कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ाती है और अब युद्ध के कुछ ही दिनों में गैस की कमी सामने आ रही है। तिवारी ने आरोप लगाया कि घरेलू सिलेंडर की बुकिंग में भी देरी हो रही है और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उनके अनुसार इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर पेट्रोलियम मंत्रालय जिम्मेदार है और सरकार को तत्काल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए। एलपीजी की आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता के बीच होटल और रेस्टोरेंट उद्योग से जुड़े संगठनों ने भी केंद्र सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि व्यापार और आम जनजीवन पर इसका असर कम किया जा सके। हिदायत/ईएमएस 10मार्च26