- महिलाओं के योगदान को किया गया सम्मानित - स्वास्थ्य, शिक्षा, राजनीति और समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर हुई चर्चा - श्रीफल व उपहार देकर किया सम्मान कोरबा (ईएमएस) अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को आयुष्मान आरोग्य मंदिर देवपहरी में विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर महिलाओं के योगदान को सम्मानित किया गया। वर्ष 1911 से प्रारंभ हुआ यह दिवस आज पूरी दुनिया में महिला शक्ति के सम्मान और उनके योगदान को रेखांकित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। वर्ष 1975 से संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इसे आधिकारिक मान्यता दिए जाने के बाद यह दिवस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित महिलाओं का श्रीफल एवं उपहार देकर सम्मान करने के साथ की गई। इसके बाद महिलाओं की समाज, परिवार और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में बताया गया कि आज महिलाएं चिकित्सा, शिक्षा, राजनीति, खेल, इंजीनियरिंग, परिवहन, विज्ञान और बैंकिंग जैसे सभी क्षेत्रों में आगे बढ़कर कार्य कर रही हैं। वर्तमान समय में महिला अबला नहीं बल्कि सबला के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रही है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में भी महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। स्थानीय स्तर पर भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की गई। देवपहरी की सरपंच स्वयं एक महिला होकर पंचायत का नेतृत्व कर रही हैं। वहीं लेमरू क्षेत्र की सात पंचायतों में से पांच पंचायतों में महिलाएं सरपंच के रूप में कार्य करते हुए पंचायतों के विकास को नई दिशा दे रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में भी महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया गया। इस क्षेत्र में महिला चिकित्सा सहायक श्रीमती आर.बी. गौतम पिछले लगभग पंद्रह वर्षों से आदिवासी अंचल की गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। वहीं आयुष्मान आरोग्य केंद्र देवपहरी में कार्यरत श्रीमती सुमन सिदार पिछले नौ वर्षों से पहाड़ी कोरवा, बिरहोर बस्तियों सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और राष्ट्रीय कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा मितानिनों की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का कार्य कर रही हैं और स्वास्थ्य विभाग की मजबूत कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं। 10 मार्च / मित्तल