राज्य
10-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। वृद्धि हो रही है। इसका मुख्य कारण सड़कों और बस लेन पर बढ़ता अतिक्रमण है। फुटपाथों पर अवैध कब्जे, रेहड़ी-पटरी और अव्यवस्थित पार्किंग से सड़कों की चौड़ाई कम हो जाती है, जिससे बसों जैसे बड़े वाहनों का संचालन मुश्किल हो जाता है। दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर बसों से जुड़े सड़क हादसों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल के महीनों में हुए कई हादसों ने एक बार फिर शहर की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन दुर्घटनाओं के पीछे कई कारण हैं, लेकिन सड़कों पर बढ़ता अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बनकर उभर रहा है, जिसने बसों और अन्य बड़े वाहनों के सुरक्षित संचालन को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है। दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर फुटपाथ से लेकर बस लेन तक अवैध कब्जा देखने को मिलता है। सड़क किनारे अवैध दुकानें, रेहड़ी-पटरी, ठेले और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण सड़क की वास्तविक चौड़ाई कम हो जाती है। इसका सीधा असर ट्रैफिक संचालन पर पड़ता है। बसों जैसे बड़े वाहनों को भीड़भाड़ और संकरी हो चुकी सड़कों पर चलना पड़ता है, जिससे कई बार चालक को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है या बस का संतुलन बिगड़ जाता है। यही स्थिति कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनती है। विशेष रूप से पश्चिमी और मध्य दिल्ली के कई व्यस्त मार्ग इस समस्या से गंभीर रूप से प्रभावित बताए जाते हैं। इनमें पंखा रोड, मायापुरी मुख्य मार्ग, नजफगढ़ रोड, नांगलोई–नजफगढ़ रोड, रोहतक रोड (नांगलोई–पश्चिम विहार कॉरिडोर), तिलक नगर–जनकपुरी मार्ग, पालम–डाबड़ी रोड, भगवान महावीर मार्ग (उत्तम नगर), झड़ौदा कला मार्ग (नजफगढ़) और मंगोलपुरी–सुल्तानपुरी मुख्य सड़क जैसे प्रमुख रास्ते शामिल हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/10/मार्च/2026