नई दिल्ली (ईएमएस)। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने मानसून से पहले दिल्ली में जलभराव रोकने के लिए नालों की सफाई के निर्देश दिए हैं। जिन एजेंसियों को दो साल के ठेके मिले थे, उन्हें तैयारी शुरू करने को कहा गया है। मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने अधिकारियों को अभी से नालों की सफाई के लिए निर्देश दिए हैं। विभाग प्रमुख ने उन एजेंसियों को अभी से नालों की सफाई की तैयारी करने के लिए कहा गया है, जिन्हें पिछले साल दो साल के लिए नालों की सफाई का काम दिया गया है। गत दिनों विभाग प्रमुख स्तरर पर हुई बैठक में सरकार की उस चेतावनी को भी अधिकारियों को अवगत कराया गया है, जिसमें लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि नालों की सफाई से पहले उनकी मरम्मत के लिए काम शुरू किया जा रहा है, कहा कि कुछ स्थानों पर बड़े स्तर पर काम होना है। इसके साथ ही नालों की सफाई के लिए काम शुरू करने के लिए कह दिया गया है। दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव की बात करें तो यह समस्या पिछले कई सालों से लगातार बढ़ती जा रही है। अभी तक इस समस्या का कोई हल नहीं निकल सका है। इस दौरान अलग-अलग सरकारें बदलती रहीं और जल भराव रोकने के दावे भी किए जाते रहे। बहरहाल अब दिल्ली की भाजपा सरकार ने ड्रेनेज मास्टर प्लान लागू किया है। मगर इस पर अमल होने में समय लगने की संभावना है। जिसमें लोक निर्माण विभाग, दिल्ली नगर निगम, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद, दिल्ली छावनी बोर्ड सहित तमाम एजेंसियों को शामिल किया गया है, जो अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नालों का पुनर्निर्माण करेंगी और उनका बेहतर रखरखाव कर इस समस्या से दिल्ली को निजात दिलाएंगी। इसके लिए 57000 करोड़ खर्च आने का अनुमान है। ड्रेनेज मास्टर प्लान पर पूरी तरह से काम नहीं हो जाता है यह समस्या से कैसे निपटा जाए, इसे लेकर सरकार उधेड़बुन में है। बहरहाल इस साल मानसून में जलभराव की समस्या से राहत के लिए लोक निर्माण विभाग ने अभी से सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। विभाग की कोशिश है कि जब तक ड्रेनेज मास्टर प्लान पूरी तरह से लागू नहीं होता है अस्थाई रूप से ही सही दिल्ली को अपने अधिकार क्षेत्र में जलभराव से जनता को राहत दिलाए। पीडब्ल्यूडी के पास दिल्ली में 2100 किलोमीटर से अधिक नाले हैं ये नाले मुख्य सड़कों के किनारे स्थित हैं। सड़कों पर बरसात के दौरान भरने वाला पानी इन नालों के माध्यम से बड़े नालों में जाता है। पीडब्ल्यूडी ने इन महिलाओं की सफाई को लेकर अभी से निर्देश दिए हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/10/मार्च/2026