राज्य
10-Mar-2026


* 17 महानगरों और 152 नगर पालिकाओं में एक्यूआई मॉनिटरिंग, सैटेलाइट तकनीक से तालाबों के प्रदूषण पर समय रहते कार्रवाई गांधीनगर (ईएमएस)| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने के लिए गुजरात एक मुख्य ग्रोथ इंजन के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात के शहरों को टिकाऊ और स्मार्ट बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत राज्य सरकार के शहरी विकास और शहरी गृह निर्माण विभाग के अंतर्गत राज्य-स्तरीय नोडल एजेंसी के रूप में कार्यरत गुजरात शहरी विकास मिशन (जीयूडीएम) तालाबों और हवा की गुणवत्ता की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ‘लेक एंड एयर वॉच’ पहल शुरू करेगा। * जीयूडीएम की नई पहल, तालाबों और हवा की गुणवत्ता की होगी लगातार निगरानी तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण तालाबों में प्रदूषण बढ़ रहा है, पानी की गुणवत्ता में गिरावट के साथ ही भूगर्भ जल के प्राकृतिक पुनर्भरण (रिचार्ज) में कमी आ रही है और घनी आबादी वाले इलाकों में हवा की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ‘लेक एंड एयर वॉच’ पहल के अंतर्गत विभिन्न विभागों में कार्यरत निगरानी व्यवस्थाओं को एकीकृत किया जाएगा, जिससे समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। आगामी समय में गुजरात शहरी विकास मिशन एक एकीकृत, डिजिटल और रियल-टाइम जानकारी देने वाला प्लेटफॉर्म विकसित करेगा। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य के शहरों में तालाबों और हवा की गुणवत्ता की निगरानी की जा सकेगी और चेतावनी मिलने के बाद समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। लगभग 10 करोड़ रुपए के प्रावधान के साथ यह पहल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय भूमिका निभाएगी। * पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गुजरात सरकार का अहम कदम आजकल शहरों में स्थित तालाबों में प्रदूषण, गाद भराव और पानी की गुणवत्ता में गिरावट जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। लेक एंड एयर वॉच पहल के तहत सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के जरिए तालाब क्षेत्रों, गंदगी के संकेतकों और शैवाल जैसे कारकों का विश्लेषण कर समय पर चेतावनी दी जाएगी, जिससे तालाबों के संरक्षण के लिए समय पर कार्रवाई करना संभव हो पाएगा। इसके अलावा, राज्य की 17 की महानगर पालिकाओं और152 नगर पालिका क्षेत्रों में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से वायु गुणवत्ता सूचकांक या एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) रियल-टाइम में हवा की गुणवत्ता की जानकारी देगा। एक्यूआई बढ़ने से अपने आप अलर्ट जनरेट होगा, जिसके आधार पर संबंधित विभाग तत्काल कदम उठा सकेंगे। यह पहल शहरी स्तर के जीवन के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। शहर के तालाबों और हवा की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने के बाद, उसकी जानकारी राज्य स्तर पर एकत्र की जाएगी। इस डैशबोर्ड में मैप, ट्रेंड, अलर्ट और कार्रवाई की स्थिति के संबंध में जानकारी उपलब्ध होगी। नतीजतन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ेगा और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। नागरिकों को भी पारदर्शी तरीके से जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे जनजागरूकता बढ़ेगी। ‘लेक एंड एयर वॉच’ पहल राज्य में जलवायु परिवर्तन के खिलाफ शहरों के टिकाऊ विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। सतीश/10 मार्च