- पंजाब विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर पक्ष-विपक्ष में हुई तीखी बहस चंडीगढ़,(ईएमएस)। पंजाब में मेडिकल कॉलेज बनाने को लेकर पंजाब विधानसभा के प्रश्न काल के दौरान सत्ताधारी दल के मंत्री और विधायक विपक्ष की नेता को ललकारते हुए वेल में आ गए। कुछ समय तक दोनों ओर से एक दूसरे को ललकारा गया। यह स्थिति उस समय उत्पन्न हुई जब कांग्रेस के विधायक तृप्त राजेंद्र सिंह बाजवा ने स्वास्थ्य मंत्री से पूछा कि पंजाब में कितने मेडिकल कॉलेज सरकार ने बना दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने जब जवाब दिया तो बाजवा संतुष्ट नहीं नजर आए। उन्होंने कहा कि मेरा सवाल सरकार द्वारा बनाए गए मेडिकल कॉलेज को लेकर था। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर भी सरकार के सहयोग से ही मेडिकल कॉलेज बनाता है। पिछले समय में हमने 900 से ज्यादा सीटें मेडिकल कॉलेज में बढ़ाई है। जबकि कांग्रेस और बीजेपी के 40 साल के कार्यकाल में इतने मेडिकल कॉलेज नहीं बने । इस पर विपक्ष के नेता प्रताप बाजवा ने एतराज करते हुए कहा माल मालिकों का मशहूरी कंपनी की, ऐसा लग रहा है कि सरकार प्राइवेट सेक्टर में मेडिकल कॉलेज को अपना बता कर लोगों की आंखों में धूल झोंक रही है। रिपोर्ट के मुताबिक अपने मंत्री का बचाव करने के लिए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा जब बीच में बोलने लगे तो प्रताप सिंह बाजवा ने आपत्ति जताई कि वह किस कैपेसिटी में जवाब दे रहे हैं। वह ना तो सीएम हैं और ना ही स्वास्थ्य मंत्री। इस पर स्पीकर ने कहा कि सरकार में सभी मंत्रियों की जवाबदेही होती है। इस पर उन्होंने स्पीकर पर हाउस को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नहीं अगर मंत्री को जवाब नहीं आ रहा है तो केवल सीएम ही हस्तक्षेप कर सकते हैं जबकि यहां पर स्वास्थ्य मंत्री हैं और उनके पास जवाब भी है तो वह ही जवाब दें। इस दौरान पर वह अमन अरोड़ा को अपशब्द भी बोल गए जिस पर अरोड़ा ने कहा कि वह यह बर्दाश्त नहीं करेंगे। वह विपक्ष के नेता का आदर करते हैं लेकिन इस तरह की शब्दावली को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान स्पीकर ने नियम भी पढ़ कर सुनाए तो भी बाजवा नहीं माने। तब तक वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा जो अभी तक सदन में नहीं थे, आ गए और उन्होंने प्रताप सिंह बाजवा की ओर से बोली गई शब्दावली पर सख्त एतराज जताया और ललकारते हुए सदन में आ गए दोनों ओर से तू तू, मैं मैं शुरू हो गई। सिराज/ईएमएस 10मार्च26