राज्य
10-Mar-2026


गुरुग्राम (ईएमएस)। गुरुग्राम नहर के जहरीली होने का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से नहर का पानी जहरीला हो रहा है जिससे आसपास के गांवों में गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। फरीदाबाद के गौंछी नाले का गंदा और बिना शोधित पानी सीधे गुरुग्राम नहर में छोड़ा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह एनजीटी के नियमों का खुला उल्लंघन है। आलम यह कि इस पलूशन के कारण नहर का पानी और भूजल जहरीला होने का जोखिम है जिससे फसलों की सिंचाई के माध्यम से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने इस पानी को ट्रीट करने के लिए एसटीपी की योजना बनाई थी लेकिन सुस्ती के कारण वह पूरी नहीं हुई। फरीदाबाद शहर में गौंछी नाले का पानी बिना शोधित किए गुरुग्राम नहर में छोड़ा जा रहा है, जिससे न केवल नहर का पानी और भूजल दूषित हो रहा है, बल्कि सिंचाई में इस्तेमाल होने से बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिंचाई विभाग मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। उन्हें डर है कि इससे पलवल के गांव छांयसा जैसा मामला यहां भी हो सकता है। गुरुग्राम में करीब 10 किलोमीटर लंबा गौंछी नाला बहता है। वर्षों पहले इस नाले का निर्माण बरसाती पानी निकासी की उचित व्यवस्था के लिए किया गया था। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/10/मार्च/2026