राज्य
10-Mar-2026
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* एसेट सेफ्टी मॉनिटरिंग पोर्टल से सड़कों, पुलों और सरकारी भवनों की राज्य स्तर पर होगी सतत निगरानी गांधीनगर (ईएमएस)| नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एसेट सेफ्टी मॉनिटरिंग पोर्टल लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन अंतर्गत लिए गए इस निर्णय के साथ ही; अब राज्य में मौजूद सड़कों, पुलों, भवनों सहित सभी सरकारी एवं सार्वजनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की राज्य स्तर से एकीकृत मॉनिटरिंग होगी; जिससे किसी भी इन्फ्रास्ट्रक्चर से आम जनता की सुरक्षा पर कोई संकट न आए। यह निर्णय केवल एक टेक्निकल इनोवेशन नहीं, बल्कि शासन की संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्ध जवाबदेही का सशक्त उदाहरण है। राज्य सरकार ने इस पहल के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास के साथ-साथ सुरक्षा, गुणवत्ता और सार्वजनिक विश्वास; तीनों समान रूप से अनिवार्य हैं। * डेढ़ लाख से अधिक परिसंपत्तियाँ अब एकीकृत डिजिटल निगरानी में राज्य सरकार के इस निर्णय को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की ओर से हाल ही में एक परिपत्र जारी किया गया है, जिसके अनुसार राज्य में मौजूदा सड़कों, पुलों, सरकारी भवनों और अन्य नागरिक अधोसंरचनाओं सहित 1.5 लाख से अधिक सार्वजनिक परिसंपत्तियाँ अब एक ही केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज होंगी। जीआईएस आधारित लोकेशन, फोटोग्राफ्स, संरक्षक अधिकारी का विवरण और विशिष्ट डिजिटल पहचान; यह संपूर्ण व्यवस्था परिसंपत्तियों के जीवन-चक्र की वैज्ञानिक एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करेगी। इससे न केवल वर्तमान सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि भविष्य की इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण प्रक्रिया भी डेटा-आधारित बनेगी। * मुख्यमंत्री की स्पष्ट प्राथमिकता : ‘नागरिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की संवेदनशील प्रशासनिक सोच का केन्द्र बिंदु नागरिक सुरक्षा है। एसेट सेफ्टी मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी परिसंपत्ति की संरचनात्मक कमजोरी, निरीक्षण में देरी या मरम्मत की आवश्यकता अनदेखी न रह जाए। स्वचालित निरीक्षण कैलेंडर और रियल-टाइम अलर्ट प्रणाली प्रशासन को समय रहते कार्रवाई के लिए बाध्य करेगी। इसके अंतर्गत इस एकीकृत पोर्टल पर फील्ड अधिकारी डिजिटल लॉगिन से निरीक्षण रिपोर्ट और फोटोग्राफ्स अपलोड करेंगे। जिला कलेक्टर और महानगर पालिका आयुक्तों को साप्ताहिक, मासिक और त्रैमासिक समीक्षा करनी होगी। प्रभारी सचिव जिला भ्रमण के दौरान निर्देश देंगे। इस प्रकार; प्रशासन का हर स्तर एक ही डिजिटल निगरानी तंत्र से जुड़कर कार्य करेगा। * जीएडी का निगरानी प्रकोष्ठ : शीर्ष स्तर से सीधी नजर सामान्य प्रशासन विभाग में गठित समर्पित परिसंपत्ति सुरक्षा निगरानी प्रकोष्ठ राज्य स्तर पर दैनिक निगरानी करेगा और मुख्य सचिव को नियमित रिपोर्ट देगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि मुख्यमंत्री की मंशा और जमीनी क्रियान्वयन के बीच कोई अंतर न रहे। इस प्रकार; मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का एसेट सेफ्टी मॉनिटरिंग पोर्टल लागू करने का निर्णय गुजरात के प्रशासनिक इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगा। यह केवल एक पोर्टल नहीं; बल्कि सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय गुजरात की मजबूत आधारशिला समान है। सतीश/10 मार्च