प्रदेश के कलेक्टर्स को दिए आवश्यक दिशा निर्देश नर्मदापुरम (ईएमएस)। मध्य प्रदेश में आगामी गेहूं उपार्जन की तैयारियों को लेकर अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने प्रदेश के कलेक्टर्स को निर्देशित करते हुए कहा कि आगामी उपार्जन को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक गोदाम स्तरीय उपार्जन केंद्र चिन्हित किए जाएं, जिससे उपार्जित स्कंध का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जा सके। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पंजीकृत किसानों का सत्यापन पूर्ण गंभीरता से किया जाए ।उपार्जन केंद्रों पर नॉन-एफएक्यू स्कंध के अपग्रेडेशन के लिए पंखा, छन्ना तथा ग्रेडर मशीन की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गुणवत्ता परीक्षण के लिए निर्धारित योग्यता एवं दक्षता के अनुसार सर्वेयर की नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए। साथ ही गुणवत्ता परीक्षण के कार्य में संलग्न कर्मचारियों एवं सर्वेयर का भारतीय खाद्य निगम के तकनीकी अमले की उपस्थिति में प्रशिक्षण आयोजित कराने के लिए भी निर्देशित किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि यदि सर्वेयर द्वारा किसी प्रकार की अनियमितता बरती जाती है तो अनुबंध की शर्तों के अनुसार सेवा प्रदाता एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस दौरान यह भी बताया गया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में गुणवत्ता परीक्षण मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। यह मोबाइल ऐप दो स्तरों पर कार्य करेगा, जिसमें उपार्जन केंद्र सर्वेयर ऐप के माध्यम से गुणवत्ता नियंत्रक (सर्वेयर) किसान के स्कंध की गुणवत्ता की प्रविष्टि करेंगे तथा अमानक पाए जाने पर 48 घंटे बाद पुनः प्रविष्टि का प्रावधान रहेगा। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि उपार्जन अवधि के दौरान उपार्जन केंद्र नियमित रूप से संचालित रहें तथा केवल एफएक्यू गुणवत्ता वाले स्कंध का ही उपार्जन किया जाए। उपार्जन के दौरान उपार्जित स्कंध के समय सीमा में परिवहन की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए और किसानों को उपार्जित स्कंध का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि समय पर डब्ल्यूएचआर (WHR) जारी किए जाएं। इस दौरान अपर मुख्य सचिव द्वारा स्पष्ट किया गया कि किसानों को उपार्जित स्कंध का भुगतान केवल आधार लिंक्ड खातों में ही किया जाएगा। बिना आधार बेस के बैंक खातों में भुगतान नहीं किया जाएगा। उक्त संबंध में समस्त जिले के कलेक्टर द्वारा आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश संबंधित अधिकारियों को जारी कर दिए जाएं। साथ ही उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि किसान पंजीयन का बारीकी से सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए। वीसी के माध्यम से अपर मुख्य सचिव द्वारा कलेक्टर को जिले में उपलब्ध बारदानों की स्थिति की भी समीक्षा के लिए निर्देशित किया ।इसके अतिरिक्त जिला उपार्जन समिति द्वारा नियमित बैठक कर समस्याओं का निराकरण किया जाए तथा सभी कलेक्टर उपार्जन केंद्रवार अधिकारियों की ड्यूटी भी निर्धारित करें, जिससे उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके। बैठक के दौरान कमिश्नर कार्यालय के एनआईसी कक्ष से कमिश्नर श्री कृष्ण गोपाल तिवारी, संयुक्त आयुक्त विकास श्री नवल मीना, उपायुक्त विकास श्री डीएन पटेल उपस्थित रहे। वही कलेक्टर कार्यालय के एनआईसी कक्ष से कलेक्टर नर्मदा पुरम सुश्री सोनिया मीना, जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर श्री अनिल जैन, जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती रश्मि साहू सहित अन्य अधिकारी गण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। ईएमएस/राजीव अग्रवाल/ 10 मार्च 2026