नई दिल्ली (ईएमएस)। इसी साल अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में होने वाले फीफा विश्वकप फुटबॉल में एशियाई टीमों के खिलाड़ियों से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें की जा रही हैं। इस बार दक्षिण कोरिया के स्टार फुटबॉलर सोंग हुंग मिन के अलावा जापान के युवा मिडफील्डर तकाफूसा कुबो पर भी सभी की नजरें रहेंगी। सोंग दक्षिण कोरियाई टीम के कप्तान हैं और क्लब स्तर पर टोटेनहम की ओर से खेलते हैं। उनकी तेज रफ्तार, ओर आक्रामक खेल शैली उन्हें आधुनिक फुटबॉल के सबसे खतरनाक फॉरवर्ड खिलाड़ियों में शामिल करती है। मैदान पर उनका नेतृत्व और मेहनत टीम के लिए प्रेरणा का काम करती है।वहीं जापान के युवा कुबो भी विश्व कप 2026 में बड़ा प्रभाव छोड़ सकते हैं। वह जापानी की टीम के अलावा स्पेन के क्लब रियल सोशियाडाड के लिए खेलते हैं। कुबो अपनी रचनात्मकता, बेहतरीन नियंत्रणऔर तेज फैसलों के लिए जाने जाते हैं, जिससे वह मैच के दौरान खेल की गति को नियंत्रित करने में सक्षम रहते हैं। जापान के विंगर कोरु मिटोमा भी अपनी तेज रफ्तार और शानदार ड्रिब्लिंग के लिए पहचाने जाते हैं। वह ब्रिगटन और होव के अलावा जापान की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते हैं। डिफेंडरों को छकाने की क्षमता उन्हें बेहद खतरनाक खिलाड़ी बनाती है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि ये खिलाड़ी विश्व कप 2026 में अपने प्रदर्शन से एशियाई फुटबॉल की पहचान को और मजबूत कर सकते हैं और टूर्नामेंट के रोमांच को नई ऊंचाई दे सकते हैं। वहीं ईरान के स्ट्राइकर मेहंदी तरामी भी काफी बेहतरीन खिलाड़ी हैं। उन्होंने क्लब फुटबॉल में एफसी पोर्टो और इंटर मिलान से खेला है। वह अपनी आक्रामक क्षमता साबित की है। गोल करने की उनकी क्षमता और अनुभव ईरान की टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। जून में होने वाले फीफा विश्वकप मुकाबले कुल 16 शहरों में मैच आयोजित होंगे, जिनमें 11 शहर अमेरिका, तीन मेक्सिको और दो कनाडा में होंगे गिरजा/ईएमएस 11 मार्च 2026