टारगेट की सूची में गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, आईबीएम और ओरेकल जैसी कंपनियां अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी तेल अवीव/तेहरान(ईएमएस)। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के 12 वें दिन ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने इजराइल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। ईरानी मीडिया की एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तरों और डेटा सेंटर्स को भी निशाना बना सकता है। संभावित टारगेट की सूची में गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, आईबीएम और ओरेकल जैसी कंपनियों के नाम बताए गए हैं। इजराइल, दुबई और अबू धाबी में मौजूद इन कंपनियों के ऑफिस और डेटा सेंटर भी निशाने पर हो सकते हैं। इस बीच एनएससी एक प्रस्ताव पर वोटिंग करने वाली है। इसमें ईरान से कहा गया है कि वो बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएसई और जॉर्डन पर हमले बंद करे। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ईरान के मीनाब शहर में प्राथमिक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में कम से कम 170 लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर 7 से 12 साल की छात्राएं थीं। इटली की सीनेट में बोलते हुए मेलोनी ने कहा कि वह मीनाब के स्कूल में लड़कियों के नरसंहार की कड़ी निंदा करती हैं। मेलोनी ने कहा कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान जल्द से जल्द की जानी चाहिए और उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। होर्मुज स्ट्रेट में थाईलैंड के कार्गो जहाज पर हमला मिडिल-ईस्ट में जारी जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट में थाईलैंड के एक कार्गो जहाज पर हमला हुआ है। ओमान के पास चल रहे इस जहाज को प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया, जिसके बाद थाई नौसेना ने बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक थाई झंडे वाला बल्क कैरियर मयूरी नारी ओमान के उत्तर में करीब 11 नॉटिकल मील (करीब 18 किमी) दूर यात्रा कर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। रिपोट्र्स के अनुसार जहाज पर मौजूद 20 क्रू मेंबर को बचा लिया गया है, जबकि तीन लोग अभी भी जहाज पर मौजूद बताए जा रहे हैं। रॉयल थाई नेवी ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर जहाज और क्रू की मदद कर रही है। ईरान ने इराक के कुर्द इलाके में ड्रोन हमला किया ईरान ने इराक के कुर्द इलाके में ड्रोन हमला किया है। सुलैमानीया के पास कुर्द विपक्षी संगठन कोमाला पार्टी के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें एक लड़ाके की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। कोमाला पार्टी ऑफ ईरानियन कुर्दिस्तान के मुताबिक बुधवार को सुलैमानीया शहर के पास जरगवेजाला इलाके में उसके ठिकानों पर कई ड्रोन से हमला किया गया। पार्टी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में संगठन का एक सदस्य मारा गया और दो अन्य घायल हो गए। कोमाला पार्टी के अधिकारी अली रंजदर ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि इस मामले में ईरान की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। ईरान पहले भी इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में सक्रिय कुर्द सशस्त्र संगठनों को निशाना बनाता रहा है। तेहरान का आरोप है कि ये समूह पश्चिमी देशों या इजराइल के हितों के साथ मिलकर काम करते हैं। ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइल-ड्रोन दागे मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने खाड़ी देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। संयुक्त अरब अमीरात और कतर ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम इन हमलों को इंटरसेप्ट करने में लगे हैं। यूएई सरकार के मुताबिक देश की एयर डिफेंस प्रणाली मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने की कोशिश कर रही है। इन हमलों के दौरान देश के कुछ हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। कतर के रक्षा मंत्रालय ने भी मिसाइल हमले की पुष्टि की है। मंत्रालय के अनुसार कतर की सेना एक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने की कार्रवाई कर रही है, जिसे देश को निशाना बनाकर दागा गया था। ईरान के निशाने पर अमेरिका-इजराइल के बैंक ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका और इजराइल से जुड़े बैंकों और आर्थिक ठिकानों पर हमला कर सकता है। ईरान का कहना है कि उसके एक बैंक पर हमला हुआ है, इसलिए अब वह जवाबी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स से जुड़े खातम अल-अनबिया मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि दुश्मनों के हमले के बाद अब ईरान के पास जवाब देने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजराइल से जुड़े बैंक और आर्थिक सेंटर्स ईरान के निशाने पर आ सकते हैं। साथ ही ईरान ने लोगों को चेतावनी दी है कि बैंकों के आसपास न जाएं और उनसे कम से कम 1 किलोमीटर दूर रहें, क्योंकि वहां हमला हो सकता है। ईरान में करीब 20 हजार इमारतों को नुकसान अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध में देश के नागरिक ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। ईरान की रेड क्रेसेंट सोसाइटी के मुताबिक अब तक करीब 19,734 नागरिक इमारतें हमलों में क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। संस्था के शुरुआती आकलन के अनुसार हमलों में 77 मेडिकल सेंटर और 65 शैक्षणिक संस्थान भी प्रभावित हुए हैं। रेड क्रेसेंट ने बताया कि उसके 16 राहत केंद्र भी हमलों की चपेट में आए हैं। इन केंद्रों का इस्तेमाल मानवीय सहायता और राहत कार्यों के लिए किया जाता है। लेबनान सीमा पर इजराइल बढ़ाएगा सैन्य ताकत इजराइली सेना ने लेबनान सीमा से लगे उत्तरी क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक भेजने का फैसला किया है। सेना ने कहा कि हालिया स्थिति की समीक्षा के बाद सेना प्रमुख ने उत्तरी कमांड सेक्टर में सैन्य बल बढ़ाने का आदेश दिया है। सेना के बयान के मुताबिक दक्षिणी कमांड से गोलानी ब्रिगेड की कॉम्बैट टीम को उत्तरी क्षेत्र में फिर से तैनात किया जाएगा। यह कदम सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए उठाया गया है। लेबनान में इजराइली हमलों में 570 लोगों की मौत लेबनान में इजराइल के हालिया हमलों में मरने वालों की संख्या बढक़र 570 हो गई है, जबकि 1444 लोग घायल हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि ये हमले 2 मार्च से लगातार जारी हैं। मंत्रालय के मुताबिक मंगलवार को ही 84 लोगों की मौत हुई और 131 लोग घायल हुए। हालिया हमलों में यह एक दिन का बड़ा नुकसान बताया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजराइल के लगातार हवाई और सैन्य हमलों के कारण देश में हालात गंभीर बने हुए हैं। जेलेंस्की का दावा- ईरान की मदद कर रहा रूस यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस अब ईरान की मदद करने लगा है। उनका कहना है कि रूस ईरान को ड्रोन से जुड़ी मदद दे रहा है। जेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूस आगे चलकर मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम में भी ईरान की मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो रूस ईरान में अपने सैनिक भी भेज सकता है। जेलेंस्की ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उत्तर कोरिया ने रूस की मदद के लिए करीब 10 हजार सैनिक भेजे थे, वैसे ही रूस भी ईरान की मदद के लिए सैनिक भेज सकता है। विनोद उपाध्याय / 11 मार्च, 2026