* अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर अंतर्राज्यीय ठग गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार, 1.03 लाख नकद, मोबाइल व नकली कूपन नोट बरामद अहमदाबाद (ईएमएस)| पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा निरंतर सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में आरपीएफ ने अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को पकड़कर अग्रिम कार्रवाई हेतु जीआरपी अहमदाबाद के सुपुर्द किया। हाल ही में दो यात्रियों ने आरपीएफ पोस्ट अहमदाबाद पर शिकायत दर्ज कराई कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें यह कहकर झांसा दिया कि रेलवे परिसर में नकदी लेकर चलना प्रतिबंधित है तथा इसे रेलवे कार्ड में जमा करना आवश्यक है। इस बहाने से पहली घटना में एक यात्री से रु. 12,000 नकद एवं एक मोबाइल फोन ठग लिया गया, जबकि दूसरी घटना में एक अन्य यात्री से रु. 3,000 नकद, मोबाइल फोन तथा उसके बैंक खाते से लगभग रु. 1,00,000 की धोखाधड़ी की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, अहमदाबाद के मार्गदर्शन में निरीक्षक/आरपीएफ अहमदाबाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम (सीपीडीएस) का गठन किया गया। टीम द्वारा स्टेशन परिसर के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच करने पर चार संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान हुई, जिनका विवरण अपराध शाखा एवं जीआरपी के साथ साझा किया गया। आरपीएफ टीम के एएसआई मान सिंह, सीटी मंजीत कुमार तथा सीआईबी स्टाफ द्वारा स्टेशन परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके दौरान दो संदिग्धों को पकड़ा गया। उनकी पहचान परेश कुमार पटेल (निवासी सूरत) तथा काऊडा (निवासी उदयपुर) के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने साथियों मिट्टू सिंह एवं प्रिंस के साथ मिलकर अहमदाबाद, साबरमती, दिल्ली, सिकंदराबाद, हैदराबाद, जयपुर, भोपाल तथा सूरत जैसे बड़े रेलवे स्टेशनों पर विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले कम पढ़े-लिखे यात्रियों को निशाना बनाते थे। दोनों अपराधी अपने साथियों के साथ रेलवे स्टेशनों के बुकिंग हॉल, प्लेटफॉर्म आदि स्थानों पर खड़े होकर यात्रियों पर नजर रखते हैं और विशेष रूप से बिहार व उत्तर प्रदेश जाने वाले कम पढ़े-लिखे मजदूर वर्ग के यात्रियों को निशाना बनाते हैं। वे उनसे उनकी भाषा में बातचीत कर विश्वास जीतते हैं और झूठी जानकारी देते हैं कि रेलवे में नगदी या मोबाइल रखना प्रतिबंधित है, इसलिए पैसे व मोबाइल जमा कराकर कार्ड बनवाना पड़ेगा। इसके बाद उनका एक साथी नकली रु. 500 के कूपन नोट देकर कार्ड बनवाने का नाटक करता है, जिससे यात्री को विश्वास हो जाता है। इस तरह विश्वास में लेकर ये लोग यात्री से नकदी व मोबाइल लेकर फरार हो जाते हैं तथा मोबाइल से पैसे का लेन-देन कर लेते हैं। इस प्रकार भोले-भाले और कम पढ़े-लिखे यात्रियों को अपना शिकार बनाते हैं। पकड़े गए आरोपियों के पास से रु. 1,03,150 नकद, 04 मोबाइल फोन, 02 बैग तथा 84 नकली कूपन नोट बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई में आईपीएफ प्रवीण कुमार, एएसआई मान सिंह, सीटी मंजीत कुमार, सीटी धीरज एवं सीटी अंकित की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पकड़े गए आरोपियों को आगे की कार्रवाई हेतु जीआरपी/अहमदाबाद के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उनके विरुद्ध बीएनएस की संबंधित धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पश्चिम रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि यात्रा के दौरान किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में न आएं तथा अपनी नकदी, मोबाइल फोन और बैंक संबंधी जानकारी सुरक्षित रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत आरपीएफ या रेलवे हेल्पलाइन पर दें। सतीश/11 मार्च