:: न्यायालय ने अंतरजातीय प्रेम विवाह के विवाद में हुई हत्या के मामले में सुनाया ऐतिहासिक फैसला :: बड़वानी (ईएमएस)। बड़वानी जिले की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय ने जून 2022 में घटित एक चर्चित हत्याकांड में ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए मुख्य आरोपी कैलाश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला अंतरजातीय प्रेम विवाह की रंजिश के चलते हुई हत्या से जुड़ा था, जिसमें न्यायालय ने अन्य छह सहयोगियों को भी दोषी मानते हुए सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। घटना 10 जून 2022 की है, जब फरियादी पक्ष के लखन ने आरोपी कैलाश की पुत्री कविता से प्रेम विवाह किया था। इस शादी से नाराज होकर आरोपी पक्ष ने पानवाड़ी मोहल्ला स्थित मांगलिक भवन के सामने फरियादी के परिजनों को घेर लिया। आरोपियों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत धारदार हथियारों (चाकू) और डंडों से आदित्य और लखन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में गंभीर रूप से घायल आदित्य ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एम.के. जैन ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, तकनीकी प्रमाणों और गवाहों के बयानों का सूक्ष्म अवलोकन करने के उपरांत अपना फैसला सुनाया। मुख्य आरोपी कैलाश को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 6500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अन्य सह-आरोपियों - राहुल, लखन, शिव, मनोज, संतोषीबाई, विनोद को घटना में सहयोग करने का दोषी मानते हुए 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास और 1-1 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इस पूरे प्रकरण में पुलिस द्वारा गहन अनुसंधान किया गया, जिसका नेतृत्व उपनिरीक्षक राजाराम बडोले ने किया। न्यायालय में राज्य शासन की ओर से लोक अभियोजक दीपक चौहान ने पैरवी की। तकनीकी साक्ष्यों के ठोस आधार ने आरोपियों को कानून के दायरे में लाने में निर्णायक भूमिका निभाई। प्रकाश/11 मार्च 2026