राज्य
11-Mar-2026
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:: श्रीनगर मेन में शिव-पार्वती विवाह का उत्सव धूमधाम से संपन्न, नंदी बैलगाड़ी पर निकली भोलेनाथ की बारात :: इंदौर (ईएमएस)। श्रीनगर मेन स्थित गार्डन पर खत्री महिला मंच एवं खत्री सभा के तत्वावधान में आयोजित महाशिवपुराण कथा के तीसरे दिन शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग उल्लास के साथ मनाया गया। कथा व्यास प्रख्यात आचार्य पंडित विष्णुदत्त शर्मा महर्षि ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि गृहस्थी की गाड़ी श्रद्धा और विश्वास के दो पहियों पर टिकी होती है और गृहस्थ धर्म सबसे बड़ा व चुनौतीपूर्ण कर्तव्य है। आचार्य महर्षि ने कहा कि भगवान शिव करुणा के अवतार हैं। जो लोग केवल ईश्वर की पूजा करते हैं लेकिन प्राणियों के प्रति बैर भाव रखते हैं, उनसे शिव कभी प्रसन्न नहीं होते। उन्होंने गृहस्थ जीवन के महत्व को समझाते हुए कहा कि समाज और परिवार के प्रति दायित्वों को निभाना ही शिव परिवार का मुख्य संदेश है। कथा के दौरान भगवान शिव की बारात ढोल-ढमाकों के साथ निकाली गई, जिसमें नंदी बैल और गाड़ी पर सवार भोलेनाथ के स्वरूप का दर्शन कर श्रद्धालु झूम उठे। वर-वधू पक्ष की ओर से मेहमानों का परंपरागत स्वागत किया गया। :: बिल्वपत्र की महिमा और पार्थिव पूजन का महत्व :: कथा में बिल्वपत्र की उत्पत्ति और शिव पूजा में इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। पंडित महर्षि ने पार्थिव शिवलिंग पूजन की विधि समझाते हुए बताया कि शिवलिंग का निर्माण मंत्र जाप के साथ होना चाहिए और इसकी ऊंचाई चार अंगुल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्संग और कथा से विवेक जागृत होता है और जब तक बुद्धि निर्मल नहीं होगी, तब तक मनुष्य विकारों से घिरा रहेगा। कथा के प्रारंभ में खत्री सभा अध्यक्ष प्रदीप बिरदी, प्रबोध आहूजा, निर्मल महरा और महिला मंच की रीता टंडन, उर्वशी बिरदी, ममता सेठ सहित अन्य पदाधिकारियों ने व्यास पीठ का पूजन किया। रीता टंडन और ममता सेठ ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक जारी रहेगी, जिसमें आगामी दिनों में कार्तिकेय जन्म, तुलसी-जालंधर कथा और शिवरात्रि व्रत के महत्व पर व्याख्यान होंगे। प्रकाश/11 मार्च 2026