नई दिल्ली (ईएमएस)। द्वारका के हर्ष अपार्टमेंट्स में बंदरों का उत्पात बढ़ गया है, जिससे निवासी, खासकर बच्चे और बुजुर्ग, भयभीत हैं। पहले कभी-कभार दिखने वाले बंदर अब हर दूसरे-तीसरे दिन आते हैं और संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। निवासियों की शिकायत पर नगर निगम ने बजट की कमी का हवाला देते हुए बंदर पकड़ने में असमर्थता जताई है। द्वारका के सेक्टर-10 स्थित हर्ष अपार्टमेंट में पिछले कुछ समय से बंदरों का उत्पात इस कदर बढ़ गया है कि निवासियों का घर से निकलना दूभर हो गया है। 320 फ्लैट्स वाले इस परिसर में बंदरों की टोली न केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के मन में दशहत पैदा कर रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पहले बंदर दो-तीन महीने में एक बार दिखाई देते थे, लेकिन अब स्थिति भयावह है। अब बंदर हर दूसरे-तीसरे दिन सोसाइटी में दाखिल होते हैं और घंटों डेरा जमाए रखते हैं। सबसे चिंताजनक पहलू बंदरों का आक्रामक व्यवहार है। वे बच्चों का पीछा करते हैं, जिससे परिसर में डर का माहौल व्याप्त है। सोसायटी के निवासी महेश टाक ने बताया कि इस समस्या को लेकर फरवरी के मध्य में नगर निगम को औपचारिक शिकायत दी गई थी। लेकिन एमसीडी के संबंधित अधिकारी रवींद्र प्रसाद का कहना है कि विभाग के पास बंदर पकड़ने वालों को भुगतान करने के लिए बजट नहीं है।