बिलासपुर (ईएमएस)। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छंद शाला की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन मंगलवार को नर्मदा नगर में किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों और कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नारी शक्ति, सम्मान और समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि साहित्यकार डॉ. ललिता यादव तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. सुषमा पाठक रहीं, जबकि अध्यक्षता कामना पाण्डेय ने की। मंच संचालन राजेश दुबे ने किया। इस अवसर पर कवियों ने नारी के विविध रूपों और उसके योगदान को अपनी रचनाओं में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कविताओं में दिखी नारी के संघर्ष, ममता और सामथ्र्य की झलक काव्य गोष्ठी में रश्मि अग्रवाल किरण ने अपनी रचना के माध्यम से महिला दिवस के शोर के बीच बचपन की पीड़ा को उजागर किया। मनीषा भट्ट ने सृष्टि की रचनाकार हो तुम कविता पढकऱ नारी के महत्व को बताया, वहीं सुमन जी ने तुम पूछोगे मैं कौन हूँ? के माध्यम से स्त्री के भावों को व्यक्त किया।मुख्य अतिथि डॉ. ललिता यादव ने चूल्हे से अब चांद तक नारी भरे उड़ान जैसे दोहों से वर्तमान समय में महिलाओं की प्रगति को रेखांकित किया। अशोक अद्वितीय, देवेंद्र शर्मा पुष्प, शैलेन्द्र गुप्ता, अवधेश अग्रवाल और गजानंद पात्रे ने भी नारी शक्ति और ममता पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं। मनोज राज 11 मार्च 2026